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250 करोड़ के पार पहुंचा ‘योग कारोबार’, एक साल में 40 फीसदी बढ़ी योग ट्रेनरों की मांग

Wed, 21 Jun 2017 02:31 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Wed, 21 Jun 2017 02:31 PM IST
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international yoga day yoga business crosses 250 crores and more than 40 percent growth
योग करते लोग

देश में योग को बढ़ावा मिलने के साथ ही इसके कारोबार में भी बढ़ोतरी होने लगी है। बीते एक वर्ष में केवल दिल्ली-एनसीआर में इसका कारोबार 250 करोड़ के पार पहुंच गया है। इसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा योगदान हैं। ट्रेनरों की मांग में बीते एक वर्ष में 40 फीसदी बढ़ गई है। योग करने वालों में 35 फीसदी तक इजाफा हुआ है।

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अब योग को लेकर मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले लोगों के बीच भी क्रेज देखने को मिल रहा है। कंपनियों में अपनी कर्मचारियों की कार्यकुशलता और कारोबार बढ़ाने के लिए प्रोफेशनल ट्रेनर रख रहे हैं।
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कंपनियों का मानना है कि इससे कर्मचारियों में कार्यक्षमता में बढ़ोतरी हुई है। इससे उत्पादकता पर सकारात्मक असर हुआ है। इसके लिए बीते एक वर्ष में हर कंपनी ने औसतन चार योग प्रशिक्षण शिविर लगाए हैं। इसके अलावा कई नामचीन कंपनियों में सुबह और शाम की शिफ्ट वाले कर्मचारियों के लिए बाकायदा योग ट्रेनर नियुक्त किया गया है।
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एसोचैम के मुताबिक, बीते एक वर्ष में योग का सबसे अधिक क्रेज ए प्लस कैटेगरी के शहर में है। उत्तरी भारत में सबसे बड़ा योगदान एनसीआर का है। जिसमें साइबर सिटी व नोएडा अव्वल स्थान पर है। इसके पीछे कॉरपोरेट की बदली सोच है। इसके अलावा योग का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने के कारण अब विदेशी भी यहां योग सीखने आने लगे हैं। उनके आने से टूरिज्म के साथ कई तरह के आय में इजाफा हुआ है।

योग से जुड़े उत्पाद का भी बढ़ा कारोबार

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योग

ट्रेनरों के अलावा योग के दौरान पहने जाने वाले कपड़ों का बाजार ही करोड़ों के पार पहुंच चुका है। कई नई कंपनियां योग से जुड़े कपड़े बनाने के मैदान में उतर आई हैं। एसोचैम की मानें तो अगले एक से दो साल में इसके दोगुना होने के आसार हैं। योग की ट्रेनिंग से लेकर उससे जुड़े प्रोजेक्ट तक का बिजनेस अन्य बिजनेस की अपेक्षा ज्यादा रफ्तार से बढ़ रहा है।

इसमें चटाई से लेकर जूते, सीडी, डीवीडी, बैंड, एसेसरीज, स्टूडियोज की भी डिमांड बढ़ी है। ई-कॉमर्स कंपनियां स्पेशल योग थीम स्टोर ले आई हैं। वे स्पेशल ऑफर्स दे रही हैं। स्नैपडील के प्रवक्ता का कहना है कि ऑनलाइन स्टोर पर एक साल में योग के लिए उपयोग में लाए जाने वाले मैट की मांग में 80 फीसदी और ड्रेस में 40 से 50 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। 

कंपनियों में बढ़ते क्रेज के कारण योग अब सस्ता नहीं रहा। समय के हिसाब से चार्ज लगता है। अध्यात्म में कॉरपोरेट कल्चर आने और जरूरत व लोकप्रियता की वजह से योग अब महंगा होता जा रहा है। योग विशेषज्ञों के लिए कमाई का बड़ा साधन बनता जा रहा है। 
-डीएस रावत, राष्ट्रीय महासचिव, एसोचैम

2014 में योग के भविष्य को देखते हुए इसी सेवा के साथ प्लेटफॉर्म शुरू किया था। अभी दिल्ली-एनसीआर में दो हजार से अधिक योग ट्रेनर जुड़े हुए हैं। जिनके पास रोजाना कम से कम चार कॉल होते हैं। बेसिक, अनुभवी और प्रोफेशनल अलग-अलग जरूरत के हिसाब से पैकेज दिया जाता है।
-अभिराज पहल, सीईओ, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अर्बन क्लैप

योग को लेकर अब दूसरे मुल्कों के लोग भी यहां आ रहे हैं। इसके साथ आयुर्वेद और वैकल्पिक मेडिसीन की ओर भी रूझान बढ़ा है। कई बीमारियों के लिए अब स्पेशल ट्रीटमेंट के तौर पर योग होने लगा है। लाइफ स्टाइल बीमारियों के प्रबंधन के कारण लोगों का झुकाव बढ़ रहा है।
-प्रताप चौहान, निदेशक, जीवा आयुर्वेद

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