कार रैली: सेल्फी लेकर फोन में 150 विंटेज कारों के अद्भुत नजारे को कैद करते नजर आए शहरवासी
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टेक्नोलॉजी के ऐरा में देश तरक्की कर रहा है मगर बीते वक्त का शाही अंदाज अभी भी लोगों को आकर्षित करता है, और ऐसा ही देखने को मिला करमा लेकलेंड्स गोल्फ कोर्स में आयोजित 21 गन सैल्युट इंटरनेशनल विंटेज कार प्रदर्शनी में।
प्रदर्शनी से पहले 21 गन सैल्यूट इंटरनेशनल विंटेज कार रैली और कॉनकोस डी एलीगेंस कर की शुरुआत इंडिया गेट से शुरू हुई। इनर सर्कल रोड के बाद रैली राज पथ से आगे बढ़ते हुए गुरुग्राम में पहुंची। जिसमें 1870 के समय के राजा महाराजाओं के काल की 150 मोटर गाड़ियां व 35 विंटेज मोटर बाइक्स को देख हर कोई अपने फोन और कैमरे में इस अद्भुत नजारे को कैद करता नजर आया।
इसके साथ ही युवाओं ने कारों को रंगों से कैनवास पर उतारा। कारों की प्रदर्शनी के साथ ही टेक टॉक्स, सांस्कृतिक समारोह का भी आयोजन किया गया। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय विंटेज कारों की यह प्रदर्शनी भारतीय विरासत और मोटरिंग के जुनून को बढ़ावा देने में सफल रही।
रैली का उद्घाटन वीपी सिंह बदनोर, राज्यपाल, पंजाब और प्रशासक यूटी चंडीगढ़ ने किया। 21 गन सेल्युट हेरिटेज के चेयरमैन मदन मोहन ने बताया कि इस आयोजन में इनक्रेडिबल इंडिया रैली का शुभारभ करेंगे। चार हजार किमी की यह रैली हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात व राजस्थान के उदयपुर में 10 मार्च को समाप्त होगी।
1870 की कैरिज कार और दरभंगा के महाराजा की 1938 बेंटले पर उमड़ी भीड़
विंटेज के शौकीन को सबसे पुरानी कारों में ही अधिक दिलचस्पी दिखाई। 1870 की पहुंची कैरिज कार, दरभंगा के महाराजा की 1938 बेंटले एचएच, भोपाल के महाराजा की 1938 बेंटले एचएच, 1966 जगुआर ई- टाइप, खिमसार के युवराज धनंजय सिंह की 1936 की मर्सिडीज-बेंज टाइप 290, राजकोट के ठाकोर साहेब मान्धातासिंह जडेजा की 1947 पैकर्ड क्लिपर, डूंगरपुर के युवराज हर्षवर्धन सिंह की 1947 पैकर्ड डीलक्स क्लिपर आकर्षण का केंद्र रही।
पैराशूट विले बाइक ने खींचा ध्यान
प्रदर्शनी में 35 विंटेज बाइक भी देखने को मिली। जिसमें विश्व युद्ध के समय में प्रयोग होने वाली पैराशूट बाइक ने सभी का ध्यान खींचा। युद्ध के दौरान सैनिक इस छोटी बाइक के साथ ही उड़ता व नीचे उतर कर मैदान में दौड़ता था। इसका प्रयोग एक ही बार किया जाता था।
कई विंटेज कार रास्ते में रुकी, धक्का लगाकर देर शाम तक प्रदर्शनी में पहुंची
वर्षों पुरानी कई गाड़ियां दिल्ली से गुरुग्राम के रास्ते में ही रुकी। जिन्हें लोगों ने धक्का लगाकर देर शाम तक प्रदर्शनी तक पहुंचाया। कॉनकोर्स में 34 इंटरनेशनल मोटरिंग निर्णायक मण्डल को शामिल किया गया। जिन्होंने बारीकी के साथ सभी कारों को देखा।
गुरुग्राम में दो दिन कारों के प्रेमी करेंगे दिदार
गुरुग्राम में इन शाही कारों को दो दिन के कार्यक्रम के तहत बतौर प्रदर्शनी रखा जाएगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे व 17 को रैली रवाना होगी।