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मरीजों की जान से खिलवाड़: कैंसर की नकली दवाइयां बनाकर बेचते, चीन से अमेरिका तक फैला गोरखधंधा; अब तक आठ पकड़े
Wed, 13 Mar 2024 03:08 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 13 Mar 2024 03:08 PM IST
सार
आरोपी कैंसर के 1.97 लाख रुपये के इंजेक्शन में नकली दवाइयां भरकर बेचते थे। कैंसर की इन नकली दवाइयों को फार्मासिस्ट पूरे देश में और चीन व अमेरिका आदि देशों में भी सप्लाई करते थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नकली दवाइयां बनाने व सप्लाई करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने बुधवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले मंगलवार को सात आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था। इनमें दिल्ली के कैंसर के प्रतिष्ठित अस्पताल के दो कर्मचारी भी शामिल हैं।
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आरोपी कैंसर के 1.97 लाख रुपये के इंजेक्शन में नकली दवाइयां भरकर बेचते थे। कैंसर की इन नकली दवाइयों को फार्मासिस्ट पूरे देश में और चीन व अमेरिका आदि देशों में भी सप्लाई करते थे। इनके कब्जे से 89 लाख रुपये नकद, 18 हजार रुपये के डॉलर, चार करोड़ रुपये की सात अंतरराष्ट्रीय और दो भारतीय ब्रांडों की कैंसर की नकली दवाएं बरामद की गई है।
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शाखा की इंटरस्टेट सेल में तैनात इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन की देखरेख में इंस्पेक्टर कमल, पवन और महिपाल, एसआई गुलाब, आशीष, अंकित, गौरव व यतेंद्र मलिक की टीम ने तीन महीने की जांच के बाद इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने दिल्ली एनसीआर में सात-आठ जगहों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस टीम को पता चला कि डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स, मोती नगर के दो फ्लैटों में नकली दवाइयां बनाई जा रही हैं। यहां पर विफिल जैन नामक आरोपी ने दवा, इंजेक्शन बनाने का यूनिट लगा रखी थी। विफिल इस रैकेट का सरगना है। यहां पर नकली कैंसर की दवा (शीशियों) को फिर से भरने, बनाने के लिए यानी रीफिलिंग और पैकेजिंग का काम किया था जाता था। फ्लेट्स से तीन कैप सीलिंग मशीनें, एक हीट गन मशीन और 197 खाली शीशियां और अन्य आवश्यक पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई।
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नीरज चौहान नामक आरोपी ने नले साउथ सिटी, गुरुग्राम के एक फ्लैट में नकली कैंसर इंजेक्शन, शीशियों का बड़ा जखीरा जमा कर रखा था। यहां से नकली कैंसर इंजेक्शनों की 137 शीशियां, 519 खाली शीशियां व शीशियों के 864 खाली पैकेजिंग बॉक्स मिले। नीरज की निशानदेही पर उसके चचेरे भाई तुषार चौहान को भी पकड़ा गया, जो सप्लाई चेन में शामिल था। यमुना विहार दिल्ली से परवेज़ को पकड़ा गया। ये विफिल जैन के लिए खाली शीशियों की व्यवस्था करता था। उसके कब्जे से 20 खाली शीशियां बरामद हुईं। इनके बाद दिल्ली स्थित कैंसर अस्पताल के दो कर्मचारी कोमल तिवारी और अभिनय कोहली को गिरफ्तार किया गया। ये अस्पताल में खाली हुई शीशियों को इन आरोपियों को उपलब्ध कराते थे।
मंगलवार को गिरफ्तार हुए सात आरोपी
(1) दिल्ली निवासी विफिल जैन (46 वर्ष( (2) सूरज शत(28)(3) गुरुग्राम, निवासी नीरज चौहान (38 वर्ष) ( 4) परवेज़(33) (5) कोमल तिवारी(39) (6) अभिनय कोहली (30) और (7) तुषार चौहान (29)।