दिल्लीः अब घरेलू एयरपोर्ट भी होगा अंतरराष्ट्रीय जैसा
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दिल्ली का घरेलू एयरपोर्ट भी अब अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं वाला होगा। अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल टी-3 की तरह ही टर्मिनल-1 को भी विकसित करने का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है।
इसे लेकर मास्टर प्लान में भी संशोधन किया गया है। इस टर्मिनल के बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय व घरेलू विमानों के टर्मिनल आपस में जुड़ जाएंगे।
एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी डायल का कहना है कि घरेलू टर्मिनल पर विश्व स्तरीय सुविधाएं देने की योजना बन गई है। इस टर्मिनल पर मेट्रो भी पहुंचने वाली है। डायल के सीईओ प्रभाकर राव ने बताया कि इस टर्मिनल पर आधुनिक सेल्फ ड्रॉप लगेज मशीन को लगाया जाएगा।
इस टर्मिनल के एंट्री गेट को 8 से बढ़ाकर 16 किया जाएगा। बार कोड सिस्टम मशीन का उपयोग किया जाएगा। इस मशीन से यात्रियों के समय की बचत होगी।
जिस व्यक्ति का बोर्डिंग समय वही कर सकेगा प्रवेश
18 एक्स-रे मशीन लगेंगी और फिस्किंग गेट की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। फ्लैप गेट लगेगा, इसका फायदा यही होगा कि जिस यात्री का बोर्डिंग का समय होगा वही उस गेट से प्रवेश कर सकेगा।
अन्य यात्री सर्कुलर एरिया में ही बैठेंगे। 3,574 मीटर में बोर्डिंग गेट बनेगा। वर्तमान में यह गेट 1,787 मीटर में बना है। हैंड बैगेज स्क्रीनिंग के लिए कर्व मशीन लगेगी।
इससे जगह की बचत के साथ ही यात्रियों को भी सुविधा होगी। बोर्डिंग गेट 15 से बढ़ाकर 20 किए जाएंगे। 6 लेवल मल्टीलेवल कार पार्किंग की व्यवस्था होगी।
एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में एक रनवे बनाने की भी योजना है। टर्मिनल 1डी को तोड़ने की योजना पर भी विराम लग गया है। डायल का कहना है कि 1डी व टी-1 के एरिया को जोड़कर बड़ा टी-1 बना दिया जाएगा, जिससे यात्रियों का काफी सुविधा होगी।