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Delhi NCR News: युवराज सिंह मनचंदा मौत मामले में रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने 31 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी युवराज सिंह मनचंदा की मौत के मामले में गुरुग्राम पुलिस को बादशाहपुर में मिली अज्ञात लाश से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। युवराज की बहन ने इस संबंध में अर्जी दाखिल की थी। वह दिल्ली में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता भी हैं।
अदालत ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि लाश मिलने से लेकर उसकी पहचान और अंतिम संस्कार तक की पूरी कार्रवाई से जुड़े पुलिस, चिकित्सकीय और जांच संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं। सभी रिकॉर्ड 22 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे अदालत में पेश करने को कहा गया है। इसके बाद इन्हें दिल्ली में दर्ज मामले के जांच अधिकारी को सौंपा जाएगा।
अदालत ने लाश मिलने से संबंधित पुलिस की दैनिक प्रविष्टियां, सूचना प्राप्त होने का रिकॉर्ड, बरामदगी के दस्तावेज, घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो, जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए जांच से जुड़े नमूने और लाश से मिले सामान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। इसके अलावा लाश की पहचान के लिए पुलिस की ओर से भेजी गई सूचनाओं और संदेशों का रिकॉर्ड भी संरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।
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अदालत ने यह जानकारी भी मांगी है कि बादशाहपुर पुलिस ने लाश की पहचान के लिए पुलिस के विभिन्न सूचना माध्यमों के जरिए क्या-क्या कदम उठाए थे।
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नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने 31 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी युवराज सिंह मनचंदा की मौत के मामले में गुरुग्राम पुलिस को बादशाहपुर में मिली अज्ञात लाश से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। युवराज की बहन ने इस संबंध में अर्जी दाखिल की थी। वह दिल्ली में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता भी हैं।
अदालत ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि लाश मिलने से लेकर उसकी पहचान और अंतिम संस्कार तक की पूरी कार्रवाई से जुड़े पुलिस, चिकित्सकीय और जांच संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं। सभी रिकॉर्ड 22 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे अदालत में पेश करने को कहा गया है। इसके बाद इन्हें दिल्ली में दर्ज मामले के जांच अधिकारी को सौंपा जाएगा।
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अदालत ने लाश मिलने से संबंधित पुलिस की दैनिक प्रविष्टियां, सूचना प्राप्त होने का रिकॉर्ड, बरामदगी के दस्तावेज, घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो, जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए जांच से जुड़े नमूने और लाश से मिले सामान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। इसके अलावा लाश की पहचान के लिए पुलिस की ओर से भेजी गई सूचनाओं और संदेशों का रिकॉर्ड भी संरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।
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अदालत ने यह जानकारी भी मांगी है कि बादशाहपुर पुलिस ने लाश की पहचान के लिए पुलिस के विभिन्न सूचना माध्यमों के जरिए क्या-क्या कदम उठाए थे।