फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Instructions to demolish spiritual school of Baba Virendra in delhi

हाई कोर्ट ने दिया बाबा वीरेंद्र का आध्यात्मिक विद्यालय तोड़ने का निर्देश

Tue, 16 Jul 2019 06:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 16 Jul 2019 06:38 AM IST
विज्ञापन
Instructions to demolish spiritual school of Baba Virendra in delhi
DELHI HIGH COURT

हाईकोर्ट ने बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के विजय विहार स्थित आध्यात्मिक विद्यालय को ध्वस्त करने का निर्देश एमसीडी को दिया है। हाईकोर्ट ने बाबा का सुराग लगाने में नाकाम रहने पर सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई है। 

विज्ञापन


सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि वह बाबा को भगौड़ा घोषित कराने के लिए जल्द ही कदम उठाएगी। सीबीआई दुष्कर्म के दो मामलों में वीरेंद्र के खिलाफ दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने निचली अदालत को इन आरोप पत्र पर संज्ञान लेकर सुनवाई के लिए सत्र अदालत भेजने का निर्देश दिया है, ताकि वीरेंद्र पर मुकदमे की सुनवाई शीघ्र हो सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि सीबीआई की जांच लंबे समय से चल रही है, लेकिन अभी वीरेंद्र देव का पता नहीं चला है। सीबीआई उसके खिलाफ ब्लू कार्नर नोटिस भी जारी करा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी उसका पता लगाने में नाकाम रही है। 

हाईकोर्ट ने कहा कि फोटो और वीडियो से साफ दिख रहा है कि यह आश्रम अवैध है। कोर्ट ने एमसीडी से पूछा कि बाबा के अवैध आश्रम पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। एमसीडी ने बताया कि उसकी टीम आश्रम को तोड़ने के लिए गई थी, लेकिन इसके खिलाफ रोहिणी कोर्ट से स्टे ले लिया गया है। 

खंडपीठ ने इस पर एमसीडी को ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। निचली अदालत को भी इस मामले का शीघ्र निपटारा करने का आदेश दिया गया है। 

वीरेंद्र रोहिणी स्थित अपने आश्रम में नाबालिग बच्चियों और युवतियों को बंधक बनाकर रखने का आरोपी है। इस केस में सीबीआई को उसकी तलाश है। एजेंसी के मुताबिक, वीरेंद्र को आखिरी बार अपने मैनेजर की पत्नी के साथ नेपाल में देखा गया था और इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं है। 


सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। हाईकोर्ट ने एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई के बाद लड़कियों को बंधक रखने और यौन शोषण के आरोपों की जांच करने का निर्देश सीबीआई को दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed