फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Inspector Subodh kumar son shreyas asks justice in delhi

इंस्पेक्टर सुबोध के बेटे ने मांगा इंसाफ, कहा- न्याय ऐसा मिले जो दूसरों के लिए उदाहरण बने

Mon, 31 Dec 2018 06:12 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 31 Dec 2018 06:12 AM IST
विज्ञापन
Inspector Subodh kumar son shreyas asks justice in delhi
बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे श्रेय - फोटो : अमर उजाला

बुलंदशहर के स्याना हिंसा में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे श्रेय ने अपने पिता के लिए इंसाफ मांगा है। श्रेय ने यूपी सरकार और पुलिस पर भरोसा जताते हुए ऐसे इंसाफ की मांग की जो दूसरों के लिए भी मिसाल बने। वह रविवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में नेशनल कंफेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ) की ओर आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। प्रेसवार्ता में बुलंदशहर में गोकशी के आरोप में पहले जेल भेजकर बाद में रिहा किए गए कुछ लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान एनसीएचआरओ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुलंदशहर मामले की एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। 

विज्ञापन


इंस्पेक्टर सुबोध के बेटे श्रेय ने बताया कि उसके दादा और पिता ने पुलिस में नौकरी कर देश की सेवा की। उनके पिता ने हमेशा परिवार से पहले अपनी ड्यूटी को तरजीह दी। लेकिन उसके पिता को भीड़ ने निशाना बना दिया। पता नहीं भीड़ देश को किस दिशा में ले जा रही है। प्रेसवार्ता के दौरान किरण शाहीन, जॉन दयाल, मनोज कुमार और भावना बेदी समेत अन्य लोग अपने विचार व्यक्त किए। 
विज्ञापन


बजरंग दल पर लगाया भाईचारा खत्म करने का आरोप 
गोकशी के आरोप में जेल भेजे गए और बाद में रिहा कर दिए गए सर्फुद्दीन ने अपने गांव नया बांस का माहौल खराब करने के लिए बजरंग दल को कटघरे में खड़ा किया। उसका आरोप था कि पिछले कुछ सालों में बजरंग दल व बाकी संगठनों ने उनके गांव का आपसी भाईचारे को खत्म कर दिया है। गांव में अब दोनों समुदाय के लोग एक-दूसरे से मिलना नहीं चाहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट के निगरानी में बने एसआईटी
एनसीएचआरओ ने मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी बनाने की मांग की। संगठन ने गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा पर भी तत्काल प्रतिबंध लगाने की बात कही है। साथ ही भीड़ हिंसा से निपटने के लिए जल्द से जल्द सख्त कानून बनाने की अपील की है। इसके अलावा  सांप्रदायिक घृणा फैलाने से जुड़े अपराध को रोकने के लिए राज्य सरकारों की जिम्मेदारी तय कर जरूरी कानून बनाने की मांग भी की गई है। एनसीएचआरओ ने कहा है कि गृह मंत्रालय इन सब की लगातार समीक्षा करे और सांसद के हर सत्र में यह बताए कि दंगा और नफरत को रोकने के लिए मंत्रालय ने क्या किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed