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आवास विकास के आशियानों पर फिर पड़ी महंगाई की मार
सौरभ पांडेय/अमर उजाला, वसुंधरा
Updated Sun, 04 May 2014 02:50 PM IST
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चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद प्रस्तावित आवास विकास परिषद की आवासीय योजनाओं में लोगों को एक बार फिर महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी।
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सरचार्ज और सर्किल रेट बढ़ने के बाद अब परिषद निर्माण लागत में बढ़ोत्तरी होने के चलते फ्लैटों के रेट बढ़ाने जा रहा है। फ्लैटों के दामों में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी झेलनी पड़ेगी।
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चुनाव बाद परिषद की ऋषि मंडप, सिद्धार्थ विहार में बहुमंजिला इमारतों की योजना और अजंतापुरम में भी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें से ज्यादातर योजनाओं को आम आदमी के लिए सस्ती योजनाओं के रूप में लांच किया जाना था।
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मगर इन पर महंगाई का ग्रहण लगता दिख रहा है। वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ नए दामों की घोषणा होनी थी। प्रस्ताव तैयार कर लखनऊ स्थित परिषद के मुख्यालय भेजा जा चुका है।
चुनाव आचार संहिता के चलते यह प्रस्ताव अटका हुआ है। आचार संहिता समाप्त होते ही इस पर अंतिम मुहर लग जाएगी।
2012 में बढ़ाए गए थे दाम
परिषद ने इससे पहले 2012 में निर्माण लागत बढ़ने पर फ्लैटों के दामों में करीब 10 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी की थी। इस बढ़ोत्तरी से परिषद के हर फ्लैट में डेढ़ से तीन लाख रुपए तक का इजाफा हुआ था। अधिकारियों की मानें तो महंगाई दर बढ़ने से पिछले वित्त वर्ष की अपेक्षा निर्माण लागत में 5-10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। ईंट, रोड़ी, डस्ट और सीमेंट के साथ लेबर कॉस्ट भी बढ़ी है। जिसका असर फ्लैटों की लागत पर पड़ा है।
बिल्डरों से सस्ते फ्लैट देने का वादा
दामों में बढ़ोत्तरी की तैयारी में जुटे परिषद का दावा है कि अभी भी उनके फ्लैट प्राइवेट बिल्डरों से सस्ते होंगे। वसुंधरा में जहां निजी बिल्डरों के टू बीएचके फ्लैटों की कीमत 45-50 लाख रुपये है वहीं परिषद की आगामी योजनाओं में इसके दाम 35-40 लाख रुपये के बीच होंगे। उधर बिल्डरों के करीब 65-70 लाख के थ्री बीएचके के मुकाबले परिषद 55-60 लाख में थ्री बीएचके देने की तैयारी में है।