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भारत-पाक युद्ध में इन जांबाजों ने लिखी थी शौर्यगाथा

Mon, 21 Sep 2015 09:52 AM IST
भोला पाण्डेय/ अमर उजाला, फरीदाबाद
भोला पाण्डेय/ अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 21 Sep 2015 09:52 AM IST
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Indo-Pak war Surygatha was written by these heroes.

बाबा फरीद की नगरी के जांबाजों ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी अपनी शौर्यगाथा लिखी है। देश में अब तक हुई सभी लड़ाइयों में इस धरती के वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।

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भारत-पाक युद्ध में फरीदाबाद और पलवल जिले के 16 वीरों ने अपनी कुर्बानी देकर इस जमीन को धन्य कर दिया। सेक्टर-12 स्थित वार मेमोरियल में लगा शिलापट्ट शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है।
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वर्ष 1914 से 1918 के बीच हुए प्रथम विश्व युद्ध, 1939 से 1945 के बीच हुए द्वितीय विश्व युद्ध, 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध और जुलाई 1999 में हुए कारगिल युद्ध समेत अन्य प्रमुख ऑपरेशनों में इस जिले के सैनिकों ने अपने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए शहादत पाई है।
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हर जंग में दिया बलिदान

Indo-Pak war Surygatha was written by these heroes.

वीरों के परिवारवाले उनके बलिदान से खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल एसके दत्त के मुताबिकत निश्चित रूप से यहां के सिपाहियों ने हर युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे किए हैं।

चूंकि इस क्षेत्र से लोग बड़ी संख्या में फौज में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में वह बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटते।

इतिहास गवाह है कि इस जिले के वीरों ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर कारगिल युद्ध तक अपना बलिदान देकर धरती का कर्ज चुकाया है। हम उन्हें नमन करते हैं।

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