भारत को इराक बनाना चाहता था IM
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इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकी आईएसआईएस के नक्शे कदम पर चलकर देश में सीरिया व इराक जैसे हालात पैदा करना चाहते थे। यह दलील राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विशेष कोर्ट में पेश पूरक आरोप पत्र में दी है।
पटियाला हाउस अदालत के जिला न्यायाधीश आईएस मेहता के समक्ष हाल ही में पेश पूरक आरोप पत्र में कहा गया है कि आईएम का फरार आतंकी अब्दुल कादिर सुल्तान अरमार, सीरिया जाकर अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की मदद से जिहादी जंग लड़ना चाहता था।
एनआईए ने यह खुलासा बीस आतंकियों के खिलाफ पेश आरोप पत्र में किया है। इनमें से 17 आरोपी फरार हैं। केवल तेहसीन अख्तर, हैदर अली और जिया उर रहमान को गिरफ्तार किया जा सका है। आतंकी साजिश रचने के आरोप में यह तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
ईमेल के जरिए हुई थी से बातचीत
एनआईए ने कहा कि जांच के दौरान उसे पता चला कि आईएम के आतंकी अन्य आतंकियों के साथ सीरिया जाना चाहते थे। एजेंसी का कहना है कि फरार आतंकी मोहम्मद शफी अरमार ने ईमेल से चैट के दौरान सीरिया में दूसरे आतंकियों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जाहिर की थी। वह चाहता था कि भारत में भी सीरिया व इराक जैसे हालात पैदा हो जाएं।
एजेंसी ने एक अन्य फरार आरोपी अब्दुल खादिर सुल्तान अरमार के बारे में दावा किया है कि वह अफगानिस्तान में जारी जिहाद में भाग लेना चाहता था। इसके अलावा शफी अरमार अफगानिस्तान व सीरिया में अल कायदा के साथ काम करना चाहता था।
एनआईए ने आईएम के नौ आतंकियों के खिलाफ दो चार्जशीट पेश की थी। इन आतंकियों में आईएम का सह-संस्थापक यासीन भटकल व उसका नजदीकी असादुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी भी शामिल है। एजेंसी ने इन दोनों को 28 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था।