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दिल्ली: शहीदों की याद में बनेगा भारत-इजरायल मित्रता स्थल
Tue, 24 Sep 2019 06:37 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Tue, 24 Sep 2019 06:37 AM IST
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हायफा दिवस कार्यक्रम का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
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इजरायल के शहर हायफा की आजादी के संघर्ष में जोधपुर, मैसूर और हैदराबाद लांसर्स के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। तत्कालीन ब्रिटिश सेना का अंग होने के नाते तीनों भारतीय रेजीमेंट ने तुर्की के कब्जे से इस शहर को मुक्त कराया था। इसमें 900 भारतीय योद्घाओं ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। आजादी के लिए भारतीय सेना के तीनों रेजीमेंट की शौर्य गाथा को इजरायल सरकार और भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को हायफा दिवस के रूप में मनाती है।
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इस साल हायफा की आजादी के लिए लड़ी गई लड़ाई के 100 साल पूरे होने पर सोमवार को तीन मूर्ति हायफा चौक पर एक कार्यक्रम हुआ। इसमें हायफा की आजादी के लिए शहादत देने वाले देश के शूरवीरों को नमन किया गया। इस मौके पर राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह, आरएसएस के वरिष्ठ नेता रवि कुमार, इंडो-इजरायल फ्रेंडशिप फोरम के अध्यक्ष लेफ्टीनेंट जनरल आरएन सिंह, एनडीएमसी की सचिव रश्मि सिंह समेत कई गणमान्यों ने पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया।
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भारत-इजरायल के संबंधों को पीएम मोदी ने दी मजबूती
भारतीय प्रधानमंत्री ने आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने दोनों देशों के बीच मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हर धर्म और समुदाय का आश्रय स्थल रहा है। यहां सभी धर्मों के लोग एकजुटता से रहते हैं। भारतीय सेना के इतिहास में ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं जब विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय जवानों ने किले फतह किए हैं।
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इजरायली राजदूत रॉन मलका ने कहा कि नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने इजरायल का दौरा किया और भारत-इजरायल संबंधों को और मजबूती दी। जनवरी 2018 में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भारत दौरे के दौरान तीन मूर्ति चौक का नाम बदलकर तीन मूर्ति हायफा चौक रखा गया, जो हायफा के लिए बलिदान देने वालों को सच्ची श्रद्धांजलि है। शहीदों की शौर्य गाथा इजरायल के स्कूलों में सिलेबस का हिस्सा भी है।
देश के वीरों की याद में बनेगा भारत-इजरायल मित्रता स्थल
इंद्रेश कुमार ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि यहां भारत-इजरायल मित्रता स्थल का निर्माण किया जाएगा। नई दिल्ली पालिका परिषद के सहयोग से तीन मूर्ति हायफा चौक के पास हायफा में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में फोटोग्राफ और उनकी बहादुरी की गाथा होगी।
यहां एक ऑडिटोरियम का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि देश के इन शहीदों को हर साल यहां श्रद्धांजलि दी जा सके। देश के उन 900 शूरवीरों से देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा भी मिलेगी। इसके लिए एनडीएमसी की ओर से निर्माण कार्य किया जाएगा।