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India Art Festival: कैंसर में भी सपनों की उड़ान भर रहीं हनी, थ्री इडियट्स के फरहान जैसी है अनाया की कहानी
Sat, 04 Nov 2023 09:20 AM IST
विजय पुंडीर
आयुशी ध्यानी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आयुशी ध्यानी, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 04 Nov 2023 09:20 AM IST
सार
इंडिया आर्ट फेस्टिवल में अपनी बुजुर्ग मां के साथ बैठी चित्रकार हनी गुप्ता जब अपनी कहानी बता रही थीं तो उनका चेहरा चमक रहा था। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि चित्रकारी ने जीने की उम्मीद दी।
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पेंटिग्स के बारे में जानकारी देतीं चित्रकार हनी गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अभी पिछले साल की ही बात है। डॉक्टर ने बताया कि आखिरी स्टेज का कैंसर है। अचानक से सामने मौत दिखी। पल भर में सब बिखर गया। जिंदगी की आस में इलाज शुरू हुआ। इसमें कीमोथेरेपी व रेडियोथेरपी की गई। इससे उबरने के लिए पेंटिंग का सहारा लिया। इसमें पहले भी हाथ चलता था। जिंदगी व मौत के अपने संघर्ष को कैनवास पर उतारना शुरू किया। तभी मेरी हर पेंटिंग में काला व सफेद रंग उभरकर आता है।
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इंडिया आर्ट फेस्टिवल में अपनी बुजुर्ग मां के साथ बैठी चित्रकार हनी गुप्ता जब अपनी कहानी बता रही थीं तो उनका चेहरा चमक रहा था। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि चित्रकारी ने जीने की उम्मीद दी। डॉक्टरों ने बेशक जवाब दे दिया हो, लेकिन चित्रों ने खुलकर जी लेने की ललक पैदा की है। कांस्टीट्यूशन क्लब में करीब 400 कलाकारों के बीच अपनी चित्रकारी लेकर पहुंची गुरुग्राम की हनी गुप्ता बताती हैं कि इलाज तकरीबन खत्म है। डॉक्टरों ने अब इंतजार करने को कहा है। हनी गुप्ता ने पेंटिंग उस वक्त की है, जब उनकी कीमोथेरेपी हो रही थी। वह बताती हैं कि चित्रकारी करते वक्त सुकून मिलता था। चित्रकारी मेरे लिए थेरेपी साबित हुई। इसमें हमने अपनी भावनाओं को उकेरा है।
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थ्री इडियट्स के फरहान जैसी कहानी है अनाया की
थ्री इडियट्स का फरहान, जिसे फोटोग्राफी इतनी पसंद होती है कि इंजीनियरिंग के आखिरी साल में वह पढ़ाई छोड़ फोटो की दुनिया में कदम रखता है। ऐसी ही कहानी है इस इंडिया आर्ट फेस्ट में आईं अनाया की। वह बताती हैं कि उन्हें बचपन से चित्रकारी करना पसंद था, लेकिन कभी सोचा नहीं था कि इसके जरिए ही अपनी पहचान बनाऊंगी। फैशन डिजाइन में कॅरियर आजमा रही थी, तो दो साल तक वही करती भी रही। कॉलेज के दूसरे साल में पता चला कि मेरा भविष्य फैशन डिजाइनिंग में नहीं चित्रकारी में है। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़कर कला की दुनिया में कदम रखा। इसमें उनके माता-पिता ने भी उनका पूरा साथ दिया।
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बता दें कि कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित चार दिवसीय इंडिया आर्ट फेस्टिवल के दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों ने लुत्फ उठाया।