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बिगड़ी जीवन शैली का असर: अनियमित खानपान से महिलाओं में बढ़ रहा मोटापा, घट रहा पोषण; इन बातों का रखें खास ख्याल

Wed, 27 Dec 2023 08:08 AM IST
विजय पुंडीर राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 27 Dec 2023 08:08 AM IST
सार

महिलाओं में आयरन, विटामिन डी, बी 12, हीमोग्लोबिन की कमी लगातार बढ़ रही है। 10 साल पहले यह आंकड़ा करीब 20 फीसदी मरीजों में पाया जाता था, अब यह बढ़कर 30 फीसदी को छू गया है।

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Increasing obesity and decreasing nutrition in women due to irregular eating habits
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

महिलाओं की बिगड़ी जीवन शैली से मोटापा बढ़ गया है और पोषण घट गया है। इसका खामियाजा माताओं के साथ उनके बच्चों को भी झेलना पड़ता है। ऐसी महिलाओं की संख्या पिछले दस साल में डेढ़ गुना तक बढ़ी है। इसका कारण जानने के लिए लेडी हार्डिंग अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग-यूनिट दो ने इलाज करवाने आईं महिलाओं की मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण किया। इसमें पाया कि महिलाओं में आयरन, विटामिन डी, बी 12, हीमोग्लोबिन की कमी लगातार बढ़ रही है। 10 साल पहले यह आंकड़ा करीब 20 फीसदी मरीजों में पाया जाता था, अब यह बढ़कर 30 फीसदी को छू गया है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में आयरन, विटामिन डी, बी 12, हीमोग्लोबिन की कमी से पोषण पर असर पड़ता है। ऐसी महिलाएं जब गर्भवती होती हैं तो गर्भावस्था के दौरान कई तरह की परेशानी होती है। वहीं बच्चे के जन्म के दौरान वह असामान्य वजन का पैदा होता है। इसके अलावा देखा गया है कि बच्चे में आगे चलकर जेनेटिक बदलाव भी आता है, जो कई तरह की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जबकि महिलाओं कई तरह की बीमारियां जन्म ले सकती हैं। मधुमेह व रक्तचाप की आशंका बढ़ जाती है।
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लेडी हार्डिंग अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की यूनिट-दो की निदेशक प्रोफेसर डॉ. मंजू पुरी ने बताया कि यह चिंता का विषय है कि महिलाओं में पोषण घट रहा है। यह जच्चा-बच्चा दोनों के लिए नुकसानदायक है। पिछले दस साल से यह निरंतर बढ़ रहा है। इसके लिए महिलाओं का खानपान, उनकी जीवन शैली, डॉक्टरों की सलाह न मानना, समय पर दवा न लेना और महावारी के दौरान लापरवाही करना बड़े कारण हैं। इस कमी की रोकथाम के लिए विभाग ने चार्ट (प्रोटोकॉल) भी तैयार किया है।
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आधी महिलाएं ही स्वस्थ
विभाग में इलाज करवाने आ रहीं आधी महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) स्वस्थ पाया जाता है, जबकि 25 से 30 फीसदी महिलाओं का वजन बीएसआई से काफी ज्यादा और 20 से 25 फीसदी महिलाओं का वजन बीएमआई ने काफी कम पाया जाता है। यह दोनों ही प्रकार की महिलाएं स्वास्थ्य मानक के आधार पर कमजोर हैं। 

यह करें

  • महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय रहें 
  • डॉक्टरों की सलाह पर खानपान लें
  • समय पर दवाओं का सेवन करें 

यह रहे स्तर

  • विटामिन डी : 20 ng/mL से अधिक
  • विटामिन बी12 : 300 pg/mL से अधिक 
  • आयरन : 18 मिलीग्राम से ऊपर

कब करवाएं हीमोग्लोबिन की जांच 

  • साल में एक बार
  • फैमिली प्लानिंग करने से पहले 
  • महावारी में खून का रिसाव ज्यादा होने पर

हर माह एक हजार महिलाओं की होती है जांच
विभाग में हर माह आने वाली एक हजार महिलाओं की जांच होती है। पिछले दस साल से लगातार यह जांच हो रही है। इसमें महिलाओं में आयरन, विटामिन डी, बी 12 के स्तर को मापा जाता है। इसकी निगरानी की जा रही है। पिछले दस साल के दौरान यह पाया गया कि कुल महिलाओं में पोषण का स्तर 20% से बढ़कर 30% तक पहुंच गया। 

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