प्रदूषण पर लगाम: दिल्ली में 2024 तक होंगे 18 हजार चार्जिंग पॉइंट, 15 ई-वाहनों के लिए एक, नहीं आएगी दिक्कत
ईवी को बढ़ावा देने के लिए ईवी पॉलिसी में नए भवनों में 20 फीसदी पार्किंग में ई वाहनों के जगह जगह नियत करने का प्रावधान किया गया है जबकि मौजूदा भवनों में पांच फीसदी पार्किंग नियत होगी। इससे वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी से पार्किंग की समस्या नहीं आएगी।
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दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 2024 तक 18000 चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। इससे वाहनों को चार्जिंग में दिक्कत नहीं आएगी। दिल्ली में पंजीकृत होने वाले कुल वाहनों में ई वाहनों की 25 फीसदी की हिस्सेदारी के लिहाज से चार्जिंग सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इसके तहत वाहन मालिकों की सुविधा के लिए प्रत्येक तीन किलोमीटर के दायरे में एक चार्जिंग पाइंट होगा। दिल्ली के लिए चार्जिंग एंड स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान-2025 के तहत 15 वाहनों के लिए एक चार्जिंग पॉइंट की सुविधा मुहैया करने की दिशा में पहल की जाएगी। सोमवार को इसे जारी कर दिया गया।
दिल्ली में दो साल पहले लागू ईवी पॉलिसी के दो वर्ष पूरा होने पर सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम सुझाव दिए। दिल्ली में पिछले कुछ महीनों के दौरान ई वाहनों की बिक्री 10 फीसदी से अधिक रही। यह आंकड़ा राष्ट्रीय आंकड़े (4.4 फीसदी) से काफी अधिक है।
पिछले दो वर्षों में दिल्ली में 62000 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया गया। इनमें 42 फीसदी दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। इसी साल परिवहन विभाग के बेड़े में 150 नई ई बसें शामिल हुईं। इनकी संख्या 2023 तक 2000 तक करने का सरकार का लक्ष्य है। दिल्ली में रोजाना बसों में करीब 35 लाख से यात्री सफर करते हैं।
नए भवनों में ई वाहनों के लिए होगी 20 फीसदी पार्किंग
ईवी को बढ़ावा देने के लिए ईवी पॉलिसी में नए भवनों में 20 फीसदी पार्किंग में ई वाहनों के जगह जगह नियत करने का प्रावधान किया गया है जबकि मौजूदा भवनों में पांच फीसदी पार्किंग नियत होगी। इससे वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी से पार्किंग की समस्या नहीं आएगी।
98 फीसदी चार्जिग पॉइंट हल्के वाहनों के लिए
दिल्ली के 1919 जगहों पर 2452 चार्जिंग पाइंट और 234 स्वैपिंग स्टेशन हैं। सिंगल विंडो प्रणाली के तहत 31 जुलाई तक स्थापित 594 चार्जिंग पाइंट लगाए गए हैं। इनमें 98 फीसदी हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए के लिए हैं। अगले दो महीने में 896 चार्जिंग पाइंट और 103 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए टेंडर निकाला जाएगा। उधर, ई बसों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सात बस डिपो में 45 चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं। सितंबर तक 150 और नई ई बसें दिल्ली की सड़कों पर उतारे जाने की उम्मीद है।
दिल्ली में वाहनों से होने वाला करीब 42 फीसदी प्रदूषण (पीएम-2.5) दोपहिया और तिपहिया वाहनों के कारण है। दिल्ली सरकार की कोशिश है कि इन वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में अधिक से अधिक संख्या में तब्दील करें ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी हो सके। ई वाहनों की खासियत है कि जब इनका इस्तेमाल नहीं करते हैं, उस वक्त को चार्जिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।