वो इलाका जहां से गुजरने पर सबके छूटते हैं पसीने
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण दिल्ली के ओखला इलाके में भले ही कुत्तों के आतंक के चलते एक बच्चे की मौत हो गई है, लेकिन महरौली व फतेहपुर बेरी इलाके में लावारिस कुत्तों का सबसे अधिक आतंक है।
इन इलाकों में सबसे अधिक लोग कुत्तों के शिकार हो रहे हैं। तीनों नगर निगम के अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में कुत्तों के शिकार लोगों के पहुंचने के आंकड़ों के मुताबिक महरौली स्थित प्राथमिक हेल्थ सेंटर ने सभी को पीछे छोड़ दिया है।
इस मामले में फतेहपुरी में बना प्राथमिक हेल्थ सेंटर भी अधिक पीछे नहीं है। पिछले साल महरौली स्थित प्राथमिक हेल्थ सेंटर में 2264 लोग कुत्तों के शिकार इलाज कराने के लिए पहुंचे, जबकि इस वर्ष जून माह तक 1176 लोग ऐसे लोग पहुंच चुके हैं।
लाजपत नगर इलाके में भी लावारिस कुत्तों का आतंक
फतेहपुरी बेरी के प्राथमिक हेल्थ सेंटर में गत वर्ष 650 लोग कुत्तों के काटे हुए आए और इस वर्ष छह माह में ही इतने लोग आ चुके हैं। तिलक नगर और लाजपत नगर इलाके में भी लावारिस कुत्तों का आतंक है।
उधर, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रविन्द्र गुप्ता ने बताया कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण के लिए रोहिणी एवं तिमारपुर में दो बंध्याकरण एवं टीकाकरण केंद्र शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा इसमें एक अन्य एनजीओ का सहयोग लिया जाएगा।