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डिजिटल के जमाने में भी मैन्युअल हो रहा एक्स-रे, घंटों इलाज करते हैं मरीज

Tue, 09 Aug 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 09 Aug 2016 12:03 AM IST
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In this age of digital x-ray also be manually hours to treat patients
चिकित्सक - फोटो : file photo

प्रदेश की आर्थिक राजधानी गुड़गांव का सरकारी अस्पताल आगे बढ़ने की बजाय पीछे जा रहा है। करोड़ों की एक्स-रे मशीन की फिल्म नहीं होने की वजह से मशीन बेकार हो गई है और अब 30 वर्ष पुराने मैन्युअल तरीके से एक्स-रे किया जा रहा है। 

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इलाज कराने आए मरीजों को तीन घंटे से अधिक समय लग रहा है। ऐसे में दर्द से कराह रहे मरीजों को स्वास्थ्य विभाग इलाज की जगह और दर्द दे रहा है। 

सुबह के समय मरीजों को दोपहर और दोपहर के मरीजों को शाम तक इलाज नहीं मिल रहा है। सिविल अस्पताल में सीएसआर के तहत एडवांस डिजिटल एक्स-रे मशीन दी गई। 
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करोड़ों की इस मशीन से हर मिनट एक एक्स-रे डिजिटल तरीके से तैयार होने का माद्दा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम है कि पिछले चार दिनों से अस्पताल में एक्स-रे मशीन की फिल्म नहीं होने की वजह से विभाग को अब मैन्युअल तरीका अपनाना पड़ रहा है। 
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इससे अब रिपोर्ट अगले मिनट मिलने की बजाय अगले दिन दी जा रही है। सबसे ज्यादा तकलीफ हड्डी और चोट के साथ इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को हो रही है।

वहीं, निजी अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीएल खन्ना का कहना है कि मैन्युअल एक्स-रे की क्वालिटी खराब होती है। जिससे कई बार बारीक चोट व टूटने को समझने में दिक्कत आती है। 

एक्स-रे करने में भी आधा घंटे से अधिक समय लगता है, जबकि डिजिटल में क्लिक करते रिपोर्ट मिल जाती है और साफ सुथरी होती है। बता दें कि सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 2500 मरीज आ रहे हैं। 

इसमें से करीब 250 मरीज ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी) तथा 500 मरीज जनरल ओपीडी में आ रहे हैं। इसके अलावा टीबी डिपार्टमेंट में भी रोजाना करीब 250 मरीज आ रहे हैं। इसमें से ज्यादातर मरीजों को  एक्सरे जरूरी होता है।
 
सुबह आए मरीजों का दोपहर तक नहीं होता एक्स रे
मैन्युअल एक्स-रे होने के कारण यहां तैनात स्टाफ उन्हें करीब तीन घंटे तक का इंतजार करवा रहे हैं। दोपहर 2.00 बजे ओपीडी का समय समाप्त होने के बाद मरीजों को अगले दिन आने को मजबूर होना पड़ रहा है। 

बच्चे का एक्सरे करवाने आई सुषमा का कहना था कि वे बच्चे का एक्सरे करवाने के लिए सुबह 12.00 बजे से आई थी। ढाई बज रहे हैं, लेकिन अभी तक एक्सरे नहीं किया है। 


जबकि बच्चे की हड्डी टूट गई डॉक्टर ने बताया है। वहीं, सहजाद ने बताया कि एक्सरे के लिए सवा 12 बजे से खड़ा हूं। ढाई बजे तक एक्सरे नहीं किया। पूछने पर बाहर जाकर खड़ा रहने की बात कह दी गई है।

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