भर्ती मामले में बढ़ेगी दिल्ली सरकार की मुसीबत, अब एसीबी में हुई सीएम की शिकायत
दिल्ली महिला आयोग में 85 लोगों की भर्ती मामले में पहले से घिरी केजरीवाल सरकार की मुसीबत फिर बढ़ने वाली है। अब दिल्ली सरकार में नियमों को ताक पर रखकर भर्ती कर हर माह लाखों रुपये के घोटाले करने की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में की गई है।
आरटीआई के आधार निकाली गई सूचना के साथ शिकायत में भर्ती किए गए 52 लोगों के वेतन के साथ सूची भी सौंपी गई है। इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात लोगों के नाम भी शामिल है।
शिकायतकर्ता सुबोध जैन ने यह सभी जानकारी सूचना के अधिकार नियम के तहत निकाली है। उन्होंने एसीबी को दी अपनी शिकायत में कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, जल मंत्री कपिल मिश्रा और दिल्ली डायलॉग कमीशन (डीडीसी) के उपाध्यक्ष आशीष खेतान ने अपने खास लोगों एवं रिश्तेदारों की सरकार में नियुक्ति दी है।
डीडीसी उपाध्यक्ष ने भी सरकार में करीबियों की नियुक्ति की'
उन्हें आईएएस अधिकारियों के बराबर सैलरी दी जा रही है। शिकायतकर्ता के मुताबिक सरकार ने एक लाख से ज्यादा वेतन वालों को बिना नियम यानी बगैर सार्वजनिक विज्ञापन दिए अपारदर्शी तरीके से रख लिया है।
इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात विभव कुमार एवं अवस्थी मुरलीधरण को आईएएस अधिकारी के समकक्ष वेतन एवं भत्ते दिए जा रहे हैं। इसी तरह राहुल भसीन को डेढ़ लाख, मीडिया सलाहकार नागेंद्र शर्मा व गोपाल मोहन को 1.15 लाख, अभिनव राय को 87 हजार, अरुणोदय प्रकाश को 85 हजार, अमरदीप तिवारी को 60 हजार, डीडीसी में सलाहकार अंतरिक्ष दास को 1.45 लाख रुपये सरकार दे रही है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि सरकार अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए जनता के पैसे को लूटा रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। नियमों के खिलाफ हुई नियुक्तियां करने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।