राजधानी में रोजाना छह लड़कियों से होता है रेप
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पुलिस सुरक्षा के लाख दावे करे, लेकिन राजधानी में हर रोज औसतन छह लड़कियों से दुष्कर्म होता है और 15 लड़कियों से छेड़छाड़ होती है।
हालांकि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि 16 दिसंबर 2012 की घटना के बाद महिलाओं के लिए उठाए गए सुरक्षा के कदमों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। यही वजह है कि वह बिना डरे पुलिस थाने पहुंचकर अपने साथ हुए अन्याय की शिकायत दर्ज करवा रही हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 30 सितंबर 2015 तक दुष्कर्म के करीब 1656 मामले दर्ज किए गए। वहीं इसी अवधि में छेड़छाड़ के 4127 मामले दर्ज किए गए।
दक्षिण जिले में दुष्कर्म के सबसे ज्यादा मामले
2012 से पूर्व के आंकड़ों पर गौर करें तो छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाएं बेहद कर्म दर्ज की जाती थीं, लेकिन 16 दिसंबर 2012 में निर्भया गैंगरेप मामले के बाद उठाए गए कदमों की वजह से महिलाएं बड़ी संख्या में शिकायत दर्ज कराने लगी हैं।
यही वजह थी कि 2013 और 2014 के आंकड़ों में बड़ा इजाफा हुआ। अधिकारी के अनुसार दुष्कर्म के 95 फीसदी मामलों में उनके जानकारों का हाथ होता है। केवल 5 फीसदी महिलाएं अनजान लोगों का शिकार बनती हैं।
सबसे अधिक दुष्कर्म के मामले दक्षिण जिला में दर्ज किए गए। यहां दुष्कर्म के 257 तो छेड़छाड़ के 918 मामले दर्ज हुए। वहीं बाहरी जिला में दुष्कर्म के 233 तो पूर्वी जिले में छेड़छाड़ के 462 मामले दर्ज हुए हैं।
छेड़छाड़ और दुष्कर्म के कुछ पुराने आंकड़े
वर्ष दुष्कर्म छेड़छाड़
2013 1636 3515
2014 2166 4322
2015 1656 4127
(नोट : आंकड़े 30 सितंबर 2015 तक के हैं)