परिवार बोला, कार्रवाई पहले की होती तो बच जाती बेटी की जान
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फेस-3 इलाके में मनचलों से तंग आकर 11वीं की छात्रा जान दे देती है। लेकिन, पुलिस गहरी नींद से तब जागती है, जब यह खबर अखबारों की सुर्खियां बनती है और पब्लिक सड़क पर उतर आती है।
जबकि तीन दिन पहले परिजन एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने और अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने फरियाद नहीं सुनी। मामले के दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद रविवार को छात्रा के परिजन मीडिया के सामने आए और कहा, ‘अब पुलिस एक को गिरफ्तार करे या हजार को बेटी दुनिया में नहीं है।
पुलिस नहीं, बस मीडिया और पब्लिक हमेशा हमारे पास खड़े रहे।’ पिता अशोक यादव ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने के तीन दिन तक पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी और मनीता की जान देने के बाद जब अखबारों में खबर में आई और पुलिस के विरोध में लोग सड़क पर उतरे तो तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई पहले होती तो बेटी की जान बच जाती
काश ऐसा पहले होता तो बेटी की जान बच सकती थी। वहीं, देर शाम परिजनों से मिलने विधायक बिमला बाथम भी पहुंचीं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस सजग रहती तो मनीता को जान नहीं गंवानी पड़ती।
एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि रविवार को छेड़खानी करने वाले मुख्य आरोपी छिजारसी कॉलोनी निवासी शिवम शुक्ला और राहुल उर्फ मंत्री को हिंडन पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं, राजा को शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। छिजारसी निवासी मनीता (17) गाजियाबाद के एक स्कूल में 11वीं में पढ़ रही थी। आरोप है कि एक महीने से छिजारसी निवासी राजा, राहुल और शिवम उससे कार में बैठकर छेड़खानी कर रहे थे।
जबरदस्ती उठाकर ले जाने की धमकी दी थी
कुछ दिनों पहले छेड़खानी का विरोध करने पर तीनों ने उसे जबरदस्ती उठाकर ले जाने की धमकी दी थी। मनचलों से तंग आ कर शुक्रवार शाम मनीता ने पंखे से लटककर जान दे दी थी।
घटना के बाद एसपी सिटी दिनेश यादव मामले की मॉनेटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज करने में देरी और आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई न करने में फेस-3 के तत्कालीन एसएचओ राजेश द्विवेदी समेत जिस भी पुलिसकर्मी व अधिकारी का नाम आएगा कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिस दौरान एसपी सिटी प्रेस कांफ्रेंस कर दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में बता रहे थे, उसके बाद इलेक्ट्रानिक मीडिया के कुछ लोगों ने आरोपियों की बाइट कैमरे में कैद कर ली।
इस बारे में जब एसपी सिटी को पता चला तो वह फौरन कमरे से बाहर निकले और उन्होंने इस फेस-3 थाना प्रभारी पंकज पंत को जमकर फटकार लगाई। एसपी सिटी दिनेश यादव का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार कोई भी आरोपियों की बाइट नहीं ले सकता है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की सच्चाई भी सामने आई
मनीता की मौत से पहले रिकार्ड किया गया वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की सच्चाई भी सामने आई। वीडियो मनीता की मौत से दो दिन पूर्व का है जब उसने पुलिस को बयान दर्ज कराए थे।
उसने कहा था कि राजा, शिवम और राहुल के अलावा शिवम की मां वंदना भी उसे परेशान करती है। वंदना शह पर मनचले उसे परेशान करते थे। इस बयान के बाद भी पुलिस ने न तो मनचलों और न ही वंदना के खिलाफ कोई कार्रवाई की।
एसपी सिटी के मुताबिक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आएगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच जारी है। वहीं जो सुइसाइड नोट मनीता के पास से मिला है व शुक्रवार से पहले ही उसने लिखा था। वह थाने में सुइसाइड नोट लेकर आई थी।