प्रद्युम्न केस : CBI की थ्योरी गुरुग्राम पुलिस को नहीं हो रही हजम
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भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल हत्याकांड में सीबीआई को गुरुग्राम पुलिस की थ्योरी हजम नहीं हो रही है। पुलिस ने हत्याकांड के आरोप में बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर अपनी थ्योरी सही बताई है। ऐसे में सीबीआई द्वारा पकड़े गए 11वीं कक्षा के छात्र का रिमांड पूरा होने के बाद अब गुरुग्राम पुलिस में हलचल मच गई है।
आला अधिकारी एसआईटी के साथ बैठक कर गुरुग्राम पुलिस द्वारा बताई गई थ्योरी पर मंथन कर रहे हैं। सीबीआई द्वारा 11वीं कक्षा के छात्र को इस मामले में गिरफ्तार किए जाने से पुलिस की फजीहत हो रही है, ऐसे में अब पुलिस अपनी साख बचाने के रास्ते तलाश रही है।
गुरुग्राम पुलिस आयुक्त एसआईटी के साथ बैठक करने में जुटे हैं। सूत्रों ने बताया कि आयुक्त द्वारा प्रद्युम्न हत्याकांड में जुडे़ अधिकारियों से पूछताछ कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मामले में अशोक की गिरफ्तारी करने में पुलिस ने कोई जल्दबाजी तो नहीं की?
मौके से जो सबूत मिले थे उसके अनुसार जो पुलिस ने थ्योरी तैयार की थी उसमें कोई खामी तो नहीं? कोई ऐसी बात हो जिसे जांच के दौरान प्रत्येक अधिकारी ने नजरअंदाज किया हो? जिस तरह से सीबीआई काम कर रही है उसे देखकर गुरुग्राम पुलिस की हलचल बढ़ने लगी है।
'अशोक ही आरोपी'
यदि गुरुग्राम पुलिस की थ्योरी गलत निकली तो इसमें एसआईटी में शामिल तीनों एसीपी पर गाज गिरना तो संभव है ही साथ ही साथ वारदात के दिन मामले की जांच करने पहुंचे फरीदाबाद पुलिस आयुक्त की भी किरकिरी हो जाएगी।
वारदात के दिन न केवल गुरुग्राम पुलिस के दो डीसीपी ने कंडक्टर अशोक से पूछताछ की थी बल्कि गुरुग्राम पुलिस आयुक्त का चार्ज संभाल रहे फरीदाबाद पुलिस आयुक्त ने भी पूछताछ के बाद मामले में कंडक्टर को ही आरोपी बताया था। उसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
सीबीआई ने गुरुग्राम पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए बस कंडक्टर अशोक से दो बार पूछताछ की थी। इतना ही नहीं उससे क्राइम सीन री-क्रिएट करवाया गया था, लेकिन गुरुग्राम पुलिस की यह थ्योरी सीबीआई को हजम नहीं हुई थी।
स्कूल में जांच और सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद सीबीआई ने मामले को नया मोड़ दिया था। 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लेने के बाद से ही गुरुग्राम पुलिस की नींद उड़ी हुई है। अधिकारी इस मामले में अपना पीछा छुड़ाने एवं खुद को हर तरीके से सही साबित करने के लिए हर संभव कदम उठाने का प्रयास कर रहे हैं।