प्रद्युम्न हत्याकांड : SIT में शामिल पुलिस अधिकारी होंगे सात दिन में गिरफ्तार
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भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा बस कंडक्टर अशोक को अदालत से जमानत मिल गई है। गुरुग्राम पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में अब एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया संगठन भी उतर आया है।
एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के पदाधिकारियों ने एसआईटी में शामिल पुलिस अधिकारियों की सात दिन में गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।
फ्रंट के राष्ट्रीय प्रधान वीरेश शांडिल्य ने बताया कि गुरुग्राम-रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न हत्याकांड में बस कंडक्टर अशोक को फंसाना पुलिसिया आतंकवाद और संविधान, कानून एवं मानव अधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि हत्या जैसे संगीन आरोप में फंसाने वाले गुरुग्राम पुलिस के अधिकारियों को ना केवल बर्खास्त किया जाए बल्कि कानूनी कार्रवाई हो। इसको लेकर उन्होंने सीएम विंडो पर एक सप्ताह में आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
'इस मामले में पुलिस आयुक्त को भी निलंबित किया जाना चाहिए'
शांडिल्य ने कहा कि इस मामले में पुलिस आयुक्त को भी निलंबित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले में गृहसचिव को उनकी शिकायत भेजे जाने की बजाय डीजीपी को भेजी गई है। ऐसे में यह भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति को दर्शा रहा है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम नहीं पानीपत में भी एक दुकानदार को फंसाने के लिए पुलिस द्वारा कट्टा रखा गया था। हालांकि उन पुलिस अधिकारियों पर राज्य के पुलिस प्रमुख बीएस संधू ने कानूनी कार्रवाई की, लेकिन इतना काफी नहीं है। ऐसे पुलिस वालों को बर्खास्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में कंडक्टर अशोक को फर्जी तरीके से फंसाने वाले व उसके खिलाफ झूठे साक्ष्य तैयार करने वाले पुलिसकर्मियों पर यदि सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वह पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।