फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   in pradyuman murder case hearing on will be held on 15 december about the accused student

प्रद्युम्न हत्याकांड : बालिग-नाबालिग पर आज होगा फैसला, इस वजह से मिलेगी 10 साल की सजा

Fri, 15 Dec 2017 10:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Fri, 15 Dec 2017 10:38 AM IST
विज्ञापन
in pradyuman murder case hearing on will be held on 15 december about the accused student
ryan international - फोटो : सुदर्शन झा

भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में शुक्रवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई होगी। यहां आरोपी छात्र के बालिग व नाबालिग होने की याचिका पर बहस के बाद बोर्ड फैसला सुनाएगा।

विज्ञापन


यदि बोर्ड द्वारा आरोपी को बालिग करार दिया तो न केवल उसे जमानत मिलने में दिक्कत हो जाएगी बल्कि आरोप साबित होने पर उसे 10 साल की सजा भी हो सकती है। आरोपी की सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट व साइकोलॉजिकल रिपोर्ट से उनका भविष्य तय होना है।
विज्ञापन


बहस से पहले इस रिपोर्ट की कॉपी सभी पक्षों को पढ़ने के लिए बोर्ड रूम में उपलब्ध कराई जाएगी। इस रिपोर्ट को पढ़ने के तुरंत बाद ही बहस होगी। बोर्ड रूम छोड़ने से पहले ही इस रिपोर्ट को वापस बोर्ड में जमा करवा लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

शुक्रवार को होगी

in pradyuman murder case hearing on will be held on 15 december about the accused student
ryan international - फोटो : सुदर्शन झा

शुक्रवार को ही आरोपी की जमानत याचिका पर भी बहस होनी है। सीबीआई द्वारा इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करना है। जिसके बाद इस पर भी बहस होगी। बता दें कि 8 सितंबर को हुए प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई ने 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिया था।

आरोपी को बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह फरीदाबाद भेज दिया गया। इसके बाद से बोर्ड में प्रद्युम्न के पिता द्वारा आरोपी के खिलाफ याचिका दायर की गई थी कि उसने संगीन अपराध को अंजाम दिया है इसलिए उस पर नाबालिग की तरह मुकदमा न चलाया जाए।

इस याचिका का आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने विरोध किया था और बोर्ड से आग्रह किया था कि उस पर नाबालिग की तरह ही मुकदमा चलाया जाए, लेकिन बोर्ड ने आरोपी के अधिवक्ता के आग्रह को खारिज कर दिया था।

इस मामले में बोर्ड ने आरोपी की सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इसके साथ ही उसकी साइकोलॉजिकल रिपोर्ट भी तैयार करवाई गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही छात्र के भविष्य का फैसला होगा। 

अधिवक्ताओं की प्रतिक्रिया

in pradyuman murder case hearing on will be held on 15 december about the accused student
pradyuman thakur - फोटो : अमर उजाला

छात्र पर संगीन अपराध करने का आरोप लगा है। यदि बोर्ड उस पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने का फैसला देता है तो आरोपी का मामला विशेष अदालत में जाएगा। इस अदालत में उसे नाबालिग तो माना जाएगा, लेकिन उसके नाबालिग होने के सभी अधिकार समाप्त हो जाएंगे। इस फैसले के बाद उसे जमानत मिलने के भी आसार नहीं हैं। यदि छात्र पर आरोप साबित हो जाता है तो उसे 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। -अंजू रावत नेगी, वरिष्ठ अधिवक्ता


बोर्ड ने सोशल इन्वेस्टिगेशन व साइकोलॉजिकल रिपोर्ट तैयार करवाई है। इस रिपोर्ट में छात्र की दिमागी स्थिति भांपी गई है। यदि छात्र पर नाबालिग की तरह मुकदमा चलाया जाता है तो उसे काफी राहत मिलेगी। आरोपी साबित होने पर जुवेनाइल एक्ट में अधिकतम 3 वर्ष की सजा का प्रावधान है। जुवेनाइल को जमानत भी आसानी से मिल जाती है। -राम कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed