फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   In last days of ramzan product of islamic nation are in demand

रमजान के आखिर में बढ़ी यहां के सामानों की मांग

Sat, 19 Jul 2014 05:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 19 Jul 2014 05:18 PM IST
विज्ञापन
In last days of ramzan product of islamic nation are in demand

रोजे के अंतिम दौर की शुरुआत के साथ ही बाजार में मुस्लिम देशों के सामानों की रौनक बढ़ गई है। टोपी, इत्र से लेकर रमजान से जुड़ी चीजें बाजार में छाए हुए हैं। शहर के आम-ओ-खास सभी इनके दीवाने हैं। वहीं, तिलावत के लिए पाकिस्तानी पंच सूरे की मांग ज्यादा है।

विज्ञापन


दरअसल, तिलावत के नजरिए से रमजान अहम होता है। इस वजह से लोग रमजान में कई तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं। रमजान के दूसरा असरा यानी बीसवें दिन से लोग मस्जिदों में एहतकाफ में बैठते हैं। इसमें बैठने के इच्छुक लोग खास तौर पर जनमाज, तस्बीह और इत्र खरीद रहे हैं।
विज्ञापन


बाजार में ईरान, अफगानिस्तान और तुर्की के जनमाज की अधिक मांग है। इसकी कीमत करीब 300 रुपये से 1500 रुपये तक है। अफगानिस्तान से आने वाले मुसल्ला कालीन पर तैयार की गई है। जबकि इसमें कोई कढ़ाई का काम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इरान और तुर्की से आने वाली जनमाज पर कढ़ाई की हुई है। मक्के मदीने की कढ़ाई के जरिए उकेरा गया है। इसमें महीन कढ़ाई की वजह से दोनों तरफ से इस्तेमाल किया जा सकता है। विदेशी इत्र खूब पसंद की जा रही है।

ईरान से आने वाली अल-तैबा, यूएई से आने वाली इत्र सुन्नत की मांग ज्यादा है। हार्ड इत्र बाजार में दस मिलीलीटर की कीमत 150 रुपये से 300 रुपये है।

मौलाना जान मोहम्मद कहते हैं कि तिलावत के नजरिए रमजान में कुरान बहुत अहम है। दुकानों और दूसरी जगहों पर काम करने वाले लोग रोजे के साथ कुरान की तिलावत की वजह से छोटी कुरान को रखना मुनासिब समझते हैं।

पाकिस्तानी पंच सूरा में कुरान की चुनिंदा आयतें हैं। उम्दा पेपर और तफसीर की वजह से लोग पसंद करते हैं। बाकी कोई फर्क नहीं होता है।

दुकानदार मोहम्मद तौहीर बताते हैं अभी सबसे ज्यादा मांग इत्र और टोपी की है। बंग्लादेशी, तुर्की और ईरानी टोपी लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। दिल्ली या कोलकाता से आने वाली टोपी के मुकाबले यह महंगी है। इसकी शुरुआत ही 120 रुपये से होती है, लेकिन लोग खरीद रहे हैं।


एक अन्य दुकानदार सफी अहमद ने बताया कि रेडियम की बड़ी मोती वाला तस्बीह और अल्लाह-मोहम्मद लिखा हुआ तस्बीह सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। युवा इसे ज्यादा खरीद रहे हैं। ईशा के नमाज के वक्त आने वाले नमाजी के हाथों में देखा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed