ग्रेनोः गोशाला में हर रोज दम तोड़ रहे चार गोवंश, शिकायत करने गए तो प्राधिकरण में हुई अभद्रता
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ग्रेटर नोएडा में गोवंश की सुरक्षा, देखभाल आदि के सरकार के निर्देश के बावजूद जलपुरा स्थित ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की गोशाला में भूख और बीमारी के चलते हर रोज गोवंश दम तोड़ रहे हैं। गोशाला का संचालन गोरक्ष फाउंडेशन एनजीओ कर रही है।
पिछले कुछ माह से सरकार के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बेसहारा गोवंश को लगातार क्षेत्र से ले जाकर इस गोशाला में छोड़ रहा है, लेकिन अतिरिक्त चारे और उपर्युक्त उपचार का प्रबंध नहीं किया गया है।
सूत्रों का दावा है कि यहां तीन से चार गोवंश हर रोज दम तोड़ रहे हैं। मामले की शिकायत कुछ लोगों ने शुक्रवार को प्राधिकरण के एसीएम दीपचंद्र से भी की है। लोगों का कहना है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां आ रहे हैं।
जलपुरा गांव की 35 बीघा भूमि पर प्राधिकरण की गोशाला संचालित है। पूर्व में प्राधिकरण निजी ठेकेदारों से इसका संचालन कराता था। 14 माह पूर्व एनजीओ ने अनुबंध के तहत संचालन की जिम्मेदारी ली थी। फाउंडेशन के वालंटियर की मानें तो उस दौरान यहां लगभग चार सौ गोवंश मौजूद थे।
बढ़े गोवंश, नहीं बढ़ा चारा
इसके बाद यूपी सरकार के बेसहारा गोवंश को सहारा देने के निर्देश के बाद ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के गोवंश को प्राधिकरण व प्रशासन ने जलपुरा की गोशाला में सहारा देना शुरू कर दिया। बताया गया कि आठ सौ से अधिक अतिरिक्त गोवंश को यहां सहारा दिया जा चुका है।
हैरानी की बात यह रही है कि गोशाला में लगातार गोवंश की संख्या बढ़ोतरी के बावजूद प्रशासन व प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त चारे आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। चारे वाले से भी पर्याप्त चारा नहीं मंगाया जा रहा है। वहीं जो गोवंश लाईं जा रहीं हैं वह कमजोर और बीमार हैं। इसके चलते उनकी मौत हो रही है।
शिकायतकर्ता से की अभद्रता
गोवंश की मौत की खबर सुनकर सिरसा गांव निवासी सरदार रंजीत सिंह शुक्रवार को अपने साथी के साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। रंजीत सिंह का आरोप है कि गोशाला की जिम्मेदारी संभालने वाले एक व्यक्ति ने उनसे अभद्र भाषा में बात की। उसने रंजीत सिंह से कहा कि तुम जैसे नेता यहां रोज आते हैं, गोवंश की वह चिंता न करें, हम संभाल लेंगे। इस मामले की शिकायत करने रंजीत सिंह विकास भवन भी पहुंचे, लेकिन सीडीओ से उनकी मुलाकात नहीं हुई।
सामान्य बीमारी के चलते एक-दो गोवंश की मौत हुई है। गोशाला में अतिरिक्त शेड बनाने के लिए पैसा जारी कर दिया गया है। भूख से किसी गोवंश की मौत की जानकारी नहीं मिली है। चारे-पानी का भी भरपूर इंतजाम है।- दीपचंद, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण