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दिव्यांग बच्चों को छोड़ गए मां-बाप, दादा जा रहे थे कुंभ छोड़ने

Thu, 03 Jan 2019 05:57 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 03 Jan 2019 05:57 AM IST
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in ghaziabad parents leave their disabled children
बच्ची - फोटो : फाइल फोटो

मां-बाप की संवेदनहीनता का झकझोर देने वाला एक मामला बुधवार को सामने आया। दो बच्चे मंदबुद्धि पैदा हुए तो पिता घर छोड़कर चला गया। मां ने दूसरी शादी कर ली। दिव्यांग पौते-पौती की जिम्मेदारी बुजुर्ग दादा पर आ गई। वह बच्चों को घर में बांधकर कमाने के लिए फेरी लगाने जाते। पालने में असमर्थ होने लगे तो बच्चों को कुंभ के मेले में छोड़ने की योजना बनाई। लोगों इसकी जानकारी हुई तो एक एनजीओ ने बच्चों को छुड़ाया और बाल कल्याण विभाग को सौंप दिया। विभाग ने विकलांग बच्ची को शेल्टर होम में भेज दिया है और बच्चे को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया है।

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नासिरपुर स्थित एक कमरे के घर में एक बुजुर्ग व्यक्ति 18 महीने के दिव्यांग पोते और चार साल की दिव्यांग पोती को रस्सी से बांधकर फेरी लगाने जाते। आसपास के लोगों के जरिए पगडंडिया एनओजी की संचालिका विमला पांडे को इसकी जानकारी मिली कि दादा उन बच्चों को कुंभ मेले में छोड़कर आने का प्लान बना रहा है। विमला पांडे और उनके पति अरुण पांडे दोनों रात में उनके घर पहुंचे। वहां देखा कि बच्ची को गले में रस्सी से बेड पर बांधा हुए देखा। बच्चों से मिलने के बाद प्रोबेशन अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट को सूचना दी गई। 
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प्रोबेशन विभाग द्वार बच्ची को शेल्टर होम में भेजा गया है और बच्चे को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। दादा का कहना है कि पहले बच्ची दिव्यांग पैदा हुई ,उसके बाद जब बच्चा भी दिव्यांग पैदा हुआ तो बच्चों का पिता सबको छोड़कर चला गया। कुछ दिनों बाद बच्चों की मां भी दूसरी शादी कर चली गई और दोनों बच्चों को मेरे हवाले कर गए। पिछले दो-तीन वर्षों से अकेले बच्चों का पालन पोषण कर रहा था लेकिन अब पालने में असमर्थ हूं। इसलिए इन बच्चों को कुंभ लेकर जाने की योजना बनाई। गंगा मैया से क्षमा मांगते हुए बच्चों को छोड़ आता। इन बच्चों के पालन पोषण की समस्या को लेकर वह सीडब्ल्यूसी भी गए थे, लेकिन वहां कहा गया कि जब तक  अभिभावक हैं, तब तक सीडब्ल्यूसी इसकी कस्टडी नहीं ले सकता है। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा ने बताया कि बच्ची को शेल्टर होम भेजा गया है और बच्चे को अभी कमजोरी है तो उसे एमएमजी में भर्ती कराया है।

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