दिल्ली में कंटेनमेंट जोन के बाहर भी हर घर की सूची बनाकर होगी निगरानी
- अमित शाह की बैठक में डॉ. पॉल समिति की रिपोर्ट पेश की गई
- दिल्ली में कराया जाएगा 27 जून से 10 जुलाई के बीच सेरोलॉजकिल सर्वे
- -दिल्ली सरकार को सभी तरह के आकड़े भारत सरकार को उपलब्ध कराने होंगे
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गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली में कंटेनमेंट जोन के बाहर भी प्रत्येक घर की सूची बनाकर निगरानी करने की बात कही गई है ताकि दिल्ली की पूरी सूचना मिल सके।
कहा गया है कि दिल्ली में 27 जून से 10 जुलाई के बीच सेरोलॉजकिल सर्वे कराया जाएगा जिसमें 20 हजार लोगों की सैंपल टेस्टिंग होगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर 14 जून को डॉ. विनोद पॉल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था।
समिति को दिल्ली में कोविड-19 की कंटेनमेंट स्ट्रेटजी पर पर एक रिपोर्ट देनी थी। डॉ. पॉल की रिपोर्ट पर ही रविवार को गृहमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई।
आज आ सकता है अहम फैसला
बैठक में संक्रमण को काबू करने के लिए अर्ली कांटेक्ट ट्रेसिंग (संक्रमित के संपर्क में आने वालों की पहचान) के लिए मजबूत रणनीति तलाशे जाने का निर्णय किया गया।
कांटेक्ट ट्रेसिंग को लेकर यह निर्णय दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की सोमवार को होने वाली अहम बैठक से ठीक पहले लिया गया है। माना जा रहा है कि सोमवार की बैठक में प्रभावी कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए कोई अहम निर्णय लिया जा सकता है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने बैठक के अंत में निर्देशित किया कि दिल्ली सरकार हर मृतक के संबंध में आंकलन करे कि वह कितने दिन पहले अस्पताल पहुंचा। उसको कहां से लाया गया था। वह होम आइसोलेशन में था तो उसे सही समय पर अस्पताल लाया गया कि नहीं। मृत्यु की जानकारी भारत सरकार को मिलनी चाहिए।
गृहमंत्री ने यह भी कहा कि सभी कोविड पॉजिटीव मामलों को पहले कोविड सेंटर जाना होगा। जिन लोगों के घरों में उपयुक्त व्यवस्था है और जो कोरमॉरबिलिटी (कई तरह की बीमारी) से ग्रस्त नहीं है उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। कितने लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है इसकी जानकारी भारत सरकार को देनी होगी।
गृहमंत्री ने कंटेनमेंट जोन के संसोधित परिसीमन के लिए तकनिकी सहायता लेने की सलाह दिल्ली सरकार के अधिकारियों को दी। दिल्ली के मुख्यमंत्री को इस रणनीति को क्रियान्वित करने की सलाह दी। वीडियो कान्फ्रेंसिग से हुई बैठक में मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल भी हिस्सा लिए।
समिति की सिफारिशें
. कंटेनमेंट जोन का नए सिरे से परिसीमन। क्षेत्र गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी और नियंत्रण।
. कंटेनमेंट जोन के प्रत्येक घर का सूचीकरण और निगरानी।
. कोरोना पॉजीविटव मामले मामलों को अस्पताल, कोविड केयर सेंटर या होम आइसोलेशन में रखा जाए।
. कोविड केयर सेंटर का सही रूप से संचालन और इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं/गैर-सरकारी संगठनों की मदद।
. डॉ. पॉल द्वारा प्रस्तावित योजना में दिल्ली के प्रत्येक जिले को एक बड़े अस्पताल के साथ संबंद्ध किया जाएगा।
दिल्ली सरकार को क्या करना होगा
. प्रस्तावित रिपोर्ट में सभी गतिविधियों की एक समय-सारणी भी उल्लेखित की जाएगी। जिसमें दिल्ली सरकार 22 जून तक एक योजना निर्धारित करेगी। 23 जून तक जिला स्तरीय टीमों का गठन करेगी। 26 जून तक सभी कंटेनमेंट जोन का संसोधित परिसीमन करेगी। 30 जून तक कंटेनमेंट जोन का शत-प्रतिशत सर्वेक्षण करेगी। 6 जुलाई तक बाकी दिल्ली का भी वृहद पैमाने पर सर्वेक्षण करेगी।