वार्डबंदी मामले में जवाब दाखिल नहीं कर सकी सरकार
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नगर निगम की नई वार्डबंदी के मामले में मंगलवार को सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं हो पाया। ऐसे में हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई अब 23 फरवरी को निर्धारित की है।
इस बात की पुष्टि वार्डबंदी के सलाहकार रवि सिंगला ने की। ऐेसे में माना जा रहा है कि निगम चुनाव अभी लंबा खिंच सकता है।
नगर निगम चुनाव कराने के लिए 9 फरवरी 2015 में वार्डबंदी कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें निवर्तमान मेयर अशोक अरोड़ा, सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा, डिप्टी मेयर राजेंद्र भामला व तीन पार्षद योगेश धींगड़ा, अनिल शर्मा और राव राम कुमार को सदस्य बनाया गया था।
इस कमेटी ने 35 वार्डों की वार्डबंदी का काम पूरा कर दिया। लेकिन सरकार ने जून महीने में नगर निगम सदन भंग होने के बाद बगैर कमेटी भंग किए नई एडहॉक कमेटी का गठन कर दिया था। याचिकाकर्ता निवर्तमान सीनियर डिप्टी मेयर एवं डिप्टी मेयर ने नई एडहॉक कमेटी को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
13 अक्तूबर को हाईकोर्ट की एकल बेंच ने एडहॉक कमेटी को भंग कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर निगम ने नई अधिसूचना जारी करा निवर्तमान पार्षद राजेंद्र अग्रवाल, सतीश चंदीला, अजय बैसला, पूरन देवी एवं कुलदीप तेवतिया को नामित कर दिया।