साल 2016: 88 ने की दिल्ली मेट्रो ट्रेन के सामने खुदकुशी की कोशिश, 12 मरे
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राजधानी की लाइफ लाइन मानी जाने वाली मेट्रो ट्रेन के सामने इस वर्ष कुल 88 लोगों ने खुदकुशी की कोशिश की । इसमें से 12 लोगों की मौत हुई। इस पूरे साल में सीआईएसएफ और मेट्रोकर्मियों ने करीब चार सौ लोगों को ट्रैक पर घूमते हुए पकड़ा और उनका चालान किया।
सीआईएसएफ के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2016 में 88 लोगों ने मेट्रो ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। हालांकि 11 लोगों को प्रयास करने के दौरान ही सीआईएसएफ के जवानों ने पकड़ लिया। जबकि स्टेशन पर मौजूद लोगों ने 20 लोगों की जान बचाई। वहीं 45 लोगों को जख्मी हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया।
अधिकारियों के अनुसार खुदकुशी की ज्यादातर घटनाएं एलीवेटेड और भूतल वाले मेट्रो स्टेशनों पर हुई। भूमिगत मेट्रो स्टेशनों पर खुदकुशी के कम ही मामले सामने आए हैं। मेट्रो में प्रतिदिन 26 लाख यात्री सफर करते हैं।
32 सौ लोगों को पकड़ा गया और उनका चालान किया गया
मेट्रो ने करीब 150 स्टेशनों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर रखा है। साथ ही सादी वर्दी में भी सुरक्षा कर्मी मौजूद रहते हैं। ताकि लोग नियमों की अवहेलना नहीं कर पाए। बावजूद सीआईएसएफ ने इस वर्ष 340 ऐसे लोगों का चालान किया है जो आनंद के लिए मेट्रो ट्रैक पर चहलकदमी करते हुए पकड़े गए।
ऐसे लोगों का चालान करने के बाद उन्हें मेट्रो पुलिस के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के जरिये ऐसे लोगों पर नकेल कसी गई। वहीं इस वर्ष महिला कोच में यात्रा करने वाले 32 सौ लोगों को पकड़ा गया और उनका चालान किया गया है।