{"_id":"5fb45a368ebc3eefb87e00d0","slug":"improvement-in-air-quality-of-delhi-breathed-freely-after-41-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्लीः हवा की गुणवत्ता में सुधार, 41 दिन बाद खुलकर ली सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्लीः हवा की गुणवत्ता में सुधार, 41 दिन बाद खुलकर ली सांस
Wed, 18 Nov 2020 04:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 18 Nov 2020 04:48 AM IST
विज्ञापन
खुला आसमान...
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हवा की दिशा में बदलाव और रफ्तार के कारण मंगलवार को करीब 41 दिन बाद दिल्लीवासी सुकून की सांस ले सके। लंबे समय बाद आसमान का रंग नीला नजर आया और दिन भर धूप खिली रही। मौसमी कारकों ने गंभीर श्रेणी की हवा को 171 वायु गुणवता सूचकांक के साथ औसत श्रेणी में दर्ज कराया। हालांकि, दिल्ली- एनसीआर में शामिल गुरुग्राम में 204 वायु गुणवता सूचकांक के साथ लोगों ने खराब हवा में सांस ली। एक दिन पहले यह आंकड़ा 246 दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा मंगलवार को राजधानी का औसतन वायु गुणवता सूचकांक 171 दर्ज किया गया जबकि एक दिन पहले 221 और इससे पहले 435 था। इससे पहले छह अक्तूबर को वायु गुणवता सूचकांक औसत श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके बाद सात अक्तूबर से हवा की गुणवत्ता बिगड़ना शुरू हो गई थी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, इस समय हवाओं का रुख पश्चिमी-दक्षिण से पश्चिमी हो गया है साथ ही हवा की रफ्तार में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे प्रदूषक तत्वों को छंटने में मदद मिली है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुई बारिश ने भी दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कम करने में मदद की है।
विज्ञापन
पराली जलाने के मामले घटे
सफर के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की सिर्फ 98 घटनाएं दर्ज हुई हैं। इस वजह से प्रदूषण में पराली के धुएं की महज तीन फीसदी हिस्सेदारी रही। हालांकि, हवा की स्थिति में यह सुधार अधिक लंबे समय तक नहीं रहने वाला है। आगामी बुधवार से हवा फिर खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। इस कड़ी में आगामी 19 और 20 नवंबर को हवा का स्तर खराब श्रेणी से लेकर बहुत खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना है।
विज्ञापन
सफर के आंकड़ों के अनुसार, शाम पांच बजे तक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 का स्तर 73.7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। वहीं, पीएम10 का स्तर 130 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा। जबकि पीएम 10 का स्तर 100 से कम होने और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है। गौरतलब है कि इस दिवाली पिछले चार वर्षों की तुलना में राजधानी में सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया था। इसका प्रमुख कारण पाबंदी के बाद भी पटाखों का इस्तेमाल और पराली जलाना बताया जा रहा था।
दिल्ली- एनसीआर में सिर्फ गुरुग्राम में हवा खराब श्रेणी में
हवा की स्थिति में सुधार होने के साथ दिल्ली के अलावा एनसीआर में भी सुधार हुआ है। इस कड़ी में फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा व नोएडा आदि इलाकों में हवा का स्तर औसत रहा। जबकि गुरुग्राम में 204 वायु गुणवता सूचकांक के साथ हवा खराब श्रेणी में रही। वहीं, गाजियाबाद में औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 166, फरीदाबाद में 172, ग्रेटर नोएडा में 186 और नोएडा में 178 दर्ज किया गया।
कहां कितना वायु गुणवत्ता सूचकांक
गुरुग्राम 204
ग्रेटर नोएडा 186
फरीदाबाद 172
गाजियाबाद 166
दिल्ली 171