Transport Strike: दिल्ली में दिखने लगा असर, सब्जी-फलों के दाम में लगी आग; 18 रुपये वाली लौकी 30 की हुई
आजादपुर मंडी के व्यापारी अन्य व्यापारी संजय आनंद ने कहा कि मंडियों में प्रतिदिन हजारों टन फल और सब्जियां पहुंचती हैं, लेकिन परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बाजार में माल की उपलब्धता कम हो गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई देने लगा है।
विस्तार
राजधानी दिल्ली की प्रमुख मंडियों आजादपुर, गाजीपुर और ओखला में ट्रांसपोर्ट हड़ताल का असर साफ दिखाई देने लगा है। अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस के आह्वान पर करीब 68 परिवहन संगठनों ने सरकार द्वारा व्यावसायिक वाहनों पर ग्रीन टैक्स यानी पर्यावरण मुआवजा शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में 21 मई से 23 मई तक चक्का जाम का एलान किया था। जिसके चलते अब बाहरी राज्यों और विदेशों से आने वाली सब्जियों और फलों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
व्यापारी और ग्राहक दोनों चिंतित
आजादपुर मंडी के व्यापारी जय किशन ने बताया कि हड़ताल की वजह से बड़े मालवाहक वाहन दिल्ली की मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे हिमाचल प्रदेश से आने वाली फूलगोभी, बेंगलुरु की विभिन्न सब्जियां, कुंडली क्षेत्र की अरबी और दक्षिण अफ्रीका से आयातित सेब जैसी कई जरूरी उपज की आवक में भारी कमी आई है। कई वाहन रास्तों में फंसे हुए हैं, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की चिंता बढ़ गई है।
बाजार में माल की उपलब्धता कम
आजादपुर मंडी के व्यापारी अन्य व्यापारी संजय आनंद ने कहा कि मंडियों में प्रतिदिन हजारों टन फल और सब्जियां पहुंचती हैं, लेकिन परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बाजार में माल की उपलब्धता कम हो गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई देने लगा है। थोक बाजार में आपूर्ति घटने से खुदरा बाजार में भी सब्जियों और फलों के दाम बढ़ने लगे हैं। आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने के लिए पहले से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
छोटे वाहन वैकल्पिक रास्तों से पहुंच रही मंडी
हालांकि स्थानीय स्तर पर आने वाली सब्जियों की आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। टमाटर, लौकी, भिंडी, बैंगन, खीरा, पालक और हरी मिर्च जैसी सब्जियां छोटे वाहनों के जरिए मंडियों तक पहुंच रही हैं। व्यापारी बताते हैं कि छोटे वाहन वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली उपज पर अभी ज्यादा असर नहीं पड़ा है। ओखला मंडी कारोबारी असुद्दीन ने कहा कि यदि हड़ताल लंबी चली तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। आपूर्ति में लगातार कमी से कीमतों में और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
इस बात को लेकर ट्रांसपोर्टर नाराज
परिवहन संगठनों की मुख्य नाराजगी अप्रैल से लागू नई ग्रीन टैक्स को लेकर है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले हल्के व्यावसायिक वाहनों और दो एक्सल वाले ट्रकों पर शुल्क 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति चक्कर कर दिया गया है। वहीं तीन और चार एक्सल वाले बड़े ट्रकों के लिए यह शुल्क 2,600 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति चक्कर कर दिया गया है। इसके अलावा हर वर्ष इन दरों में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी का भी प्रावधान रखा गया है।
| सब्जी | भाव | पिछले माह के भाव |
| फूलगोभी | 40 रुपये | 25 रुपये |
| टमाटर | 30 रुपये | 20 रुपये |
| भिंडी | 50 रुपये | 35 रुपये |
| बैंगन | 45 रुपये | 30 रुपये |
| खीरा | 28 रुपये | 20 रुपये |
| हरी मिर्च | 60 रुपये | 40 रुपये |
| पालक | 25 रुपये | 15 रुपये |
| लौकी | 30 रुपये | 18 रुपये |
| अरबी | 55 रुपये | 35 रुपये |
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