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Delhi NCR News: नवरात्र में महंगाई का असर, व्रत के सामान हुए महंगे
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मखाना सहित सभी खाद्य पदार्थ महंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। नवरात्र के पर्व पर बाजारों में रौनक है, लेकिन व्रत में इस्तेमाल होने वाले सामान की कीमतें लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। फल, साबूदाना, मखाना और कुट्टू के आटे की खरीदारी महंगी हो गई है। लोगों का कहना है कि महंगाई के कारण फलाहार का खर्च बढ़ गया है।
पहले जिस बजट में पूरे परिवार के व्रत का सामान आ जाता था, अब उसी खरीदारी के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। व्रत रखने वाले लोग सेब, केला, अनार और मौसमी फल खरीदते हैं। इसके साथ ही साबूदाना, मखाना और कुट्टू का आटा भी खरीदते हैं। मांग बढ़ने के कारण इन वस्तुओं के भाव पर लोगों की नजर है। कई ग्राहक दाम पूछकर ही वापस लौट रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार, अलग-अलग गुणवत्ता के कारण कीमतों में अंतर होता है।
प्रमुख व्रत सामग्री के बढ़े दाम
सेब अब 120 रुपये प्रति किलो मिल रहा है, जो पहले 100 रुपये था। केले का दाम 50 रुपये से बढ़कर 60-70 रुपये प्रति दर्जन हो गया है। अनार भी 160 रुपये से 180-200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। साबूदाना 100 रुपये से 110-115 रुपये प्रति किलो और कुट्टू का आटा 120 रुपये से 130 रुपये प्रति किलो हो गया है। मखाना भी 1000 रुपये से 1050 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
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वर्जन
किसी भी त्योहार के आते ही हर चीजों के दाम बढ जाते हैं, फल से लेकर पूजा के सामान तक सब चीजों में कुछ न कुछ बढोत्तरी हुई है।
- दीपक, ग्राहक
नवरात्रि में व्रत रखने वाले लोगों के लिए फल खाना और व्रत का सामान लेना जरूरी होता है, लेकिन महंगाई के कारण खर्च का हिसाब लगाना पड़ रहा है।
- कन्हैया सैनी, ग्राहक
अब ग्राहक आता है तो हर चीज के रेट पूछता है और सोचता है कि क्या लेना है क्या नहीं? त्योहारों में भी ग्राहक जरूरत भर ही खरीदारी करते हैं।
- रवीन्द्र, दुकानदार
सामान्य दिनों की अपेक्षा त्योहार आने पर लोगों की खरीदारी में कुछ न कुछ असर पडता है, दाम बढ़ने के कारण कुछ लोग तो रेट पूछ कर ही चले जाते हैं।
- गौरव, दुकानदार
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। नवरात्र के पर्व पर बाजारों में रौनक है, लेकिन व्रत में इस्तेमाल होने वाले सामान की कीमतें लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। फल, साबूदाना, मखाना और कुट्टू के आटे की खरीदारी महंगी हो गई है। लोगों का कहना है कि महंगाई के कारण फलाहार का खर्च बढ़ गया है।
पहले जिस बजट में पूरे परिवार के व्रत का सामान आ जाता था, अब उसी खरीदारी के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। व्रत रखने वाले लोग सेब, केला, अनार और मौसमी फल खरीदते हैं। इसके साथ ही साबूदाना, मखाना और कुट्टू का आटा भी खरीदते हैं। मांग बढ़ने के कारण इन वस्तुओं के भाव पर लोगों की नजर है। कई ग्राहक दाम पूछकर ही वापस लौट रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार, अलग-अलग गुणवत्ता के कारण कीमतों में अंतर होता है।
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प्रमुख व्रत सामग्री के बढ़े दाम
सेब अब 120 रुपये प्रति किलो मिल रहा है, जो पहले 100 रुपये था। केले का दाम 50 रुपये से बढ़कर 60-70 रुपये प्रति दर्जन हो गया है। अनार भी 160 रुपये से 180-200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। साबूदाना 100 रुपये से 110-115 रुपये प्रति किलो और कुट्टू का आटा 120 रुपये से 130 रुपये प्रति किलो हो गया है। मखाना भी 1000 रुपये से 1050 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
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वर्जन
किसी भी त्योहार के आते ही हर चीजों के दाम बढ जाते हैं, फल से लेकर पूजा के सामान तक सब चीजों में कुछ न कुछ बढोत्तरी हुई है।
- दीपक, ग्राहक
नवरात्रि में व्रत रखने वाले लोगों के लिए फल खाना और व्रत का सामान लेना जरूरी होता है, लेकिन महंगाई के कारण खर्च का हिसाब लगाना पड़ रहा है।
- कन्हैया सैनी, ग्राहक
अब ग्राहक आता है तो हर चीज के रेट पूछता है और सोचता है कि क्या लेना है क्या नहीं? त्योहारों में भी ग्राहक जरूरत भर ही खरीदारी करते हैं।
- रवीन्द्र, दुकानदार
सामान्य दिनों की अपेक्षा त्योहार आने पर लोगों की खरीदारी में कुछ न कुछ असर पडता है, दाम बढ़ने के कारण कुछ लोग तो रेट पूछ कर ही चले जाते हैं।
- गौरव, दुकानदार