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ट्यूशन की आड़ में वसूली जा रही है खुलेआम मनमानी फीस

Thu, 28 Jan 2016 06:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 28 Jan 2016 06:01 PM IST
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illegal tution centres in gurgaon taking fees on higher rates

तावड़ू कस्बे में अवैध रूप से चलने वाले ट्यूशन सेंटरों के संचालक बच्चों के अभिभावकों की जेबों पर सरेआम डाका डाल रहे है।

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ट्यूशन की आड़ में खुलेआम मनमानी फीस वसूली जा रही है। भले ही राज्य सरकार ने ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी अध्यापकों पर पाबंदी लगा रखी हो लेकिन ये अध्यापक बिना किसी भय व खौफ के सरकारी नियमों को धता बता कर खूब चांदी कूट रहे है। वर्तमान समय में ट्यूशन का कारोबार कई गुणा बढ़ चुका है।

मेवात के सभी कस्बों में ट्यूशन सैंटरों की बाढ़ सी आ गई है। ट्यूशन सैंटरों का ये गोरखधंधा खूब फल फूल रहा है। दोपहर व सांयकालीन समय में तो छात्र छात्राओं की इन ट्यूशन सैंटरों के बाहर भारी भीड़ लग जाती है।
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ट्यूशन पढ़ाने वाले अध्यापकों का आलम यह है कि कई जगहों पर तो इन्हें कई सिफटों में छात्रों को ट्यूशन पढ़ाते हुए देखा जा सकता है। बगैर पंजीकरण के चल रही इन अकादमी नुमा दुकानों पर नकेल डालने के लिए न तो शिक्षा विभाग गंभीर लग रहा है और न ही जिला प्रशासन।
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बच्चों के अभिभावक हालांकि इस ट्यूशन परपरा को गलत मानते है। लेकिन आज के प्रतिर्स्पधा के दौर में उनका बच्चा कहीं पिछड ना जाए इसलिए ट्यूशन लगवाना उनकी मजबूरी है। मंहगाई के इस दौर में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन बच्चों का भविष्य देखते हुए उन्हें मजबूरी में यह करना पड़ता है।

इन सैंटरों के संचालकों में भारी प्रतिस्पर्धा है जो बच्चों से मोटी फीस वसूल रहे है। ऐसे ट्यूशन सैंटरों पर लगाम कसने के बारे में शिक्षा विभाग आंखें मूंदे बैठा है। भले ही हरियाणा सरकार ने शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए काफी योजनाओं को लागू किया हुआ है।


लेकिन वास्तविकता यह भी है कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत शिक्षा को बढ़ावा देते हुए करोडो रूपये हर वर्ष खर्च किये जाते है। लेकिन सरकारी अध्यापक अपना दिन का ज्यादातर समय अपनी मांगों को लेकर धरना व प्रदर्शन में लगा देते है और शाम को टयूशन पढ़ाने के लिए बच्चों को अपने घर बुला लेते हैं।

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