{"_id":"658fa136747c65dc4af2088577b9dadc","slug":"illegal-mining-in-mewat-area-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धड़ल्ले से चल रहा है मेवात क्षेत्र में अवैध खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धड़ल्ले से चल रहा है मेवात क्षेत्र में अवैध खनन
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 16 Feb 2016 06:08 PM IST
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जिला प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार भले ही जिले में अवैध खनन रोकने की बात कह रहा हो, लेकिन मेवात में खनन माफियाओं द्वारा इन दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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इसका जीता जागता प्रणाम उस समय देखने को मिला, जब वन विभाग के अधिकारी रमेश सिंह सैनी ने सुरेश, सोनू व मुबीन व युनूस को साथ ले कर जिले के गांव भूपावली, देवला व अलालपुर में अरावली पर्वतमाला पर जाकर छापा मारा।
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खास बात यह है कि क्षेत्र में अवैध खनन बडे़ पैमाने पर हो रहा है। जिसके चलते उक्त तीन गांवों में थोड़ा बहुत ही नहीं बल्कि आधा पहाड़ ही गायब हो गया है। यहां अवैध खनन के लिए खुलेआम बारूद का प्रयोग किया जा रहा है।
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वन विभाग के अधिकारी ने हैरत जताते हुए कहा कि खनन करने के लिए बारुद के जरीये किए जाने वाले धमाके की आवाज कइ किलोमीटर दूर तक जाती है।
जबकि उक्त गावों के करीब दो किलोमीटर दूर बनी बीबीपुर चौकी पुलिस को यह आवाज सुनाई नहीं दे रही है। जिससे प्रतित होता है कि यह सारा खेल पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से ही चल रहा है।
हालांकि जिले के नवनियुक्त उपायुक्त केएम पांडूरंग ने पदभार संभालते ही जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर ओवरलोडिंग व अवैध खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंद लगाने की बात कही थी, लेकिन उनके नाक के नीचे सारा खेल अब भी चल रहा है।
वन विभाग ने अरावली को बचाने की पहल शुरू की
अरावली की कोख को उजड़ने से बचाने के लिए वन विभाग ने पहल शुरू करते हुए विभाग के रेंजर रमेश सिंह सैनी ने पुन्हाना रेंज के अंतर्गत आने वाले गांव भूपावली, देवला व अलालपुर गाव में न केवल खनन को बंद कराया है बल्कि आगे भी खनन को राकने के लिए खाई बनाकर रास्तों को बंद करा दिया है।
बारूद से किया खनन
रेंजर रमेश सिंह ने बताया कि उन्होंने जब पुन्हाना रेंज के अंतर्गत आने वाले भूपावली, देवला व अलालपुर गांव के पर्वतमाला पर छापा मारा, तो पाया कि खनन माफियाओं ने काफी हद तक पहाड़ से खनन किया हुआ है। मौके पर ही काफी टूटे हुए पत्थर मिले हैं। जबकि पत्थरों को पहाड़ से अलग करने के लिए पत्थरों में ड्रिल कर बारूद भरा हुआ मिला है।
खनन रोकने के लिए रास्ते में खुदवाई खाई
रमेश सिंह ने बताया कि दर्जनों गांवों में न केवल खनन को बंद कराया बल्कि करीब दर्जनभर गांवों में आगे भी खनन को राकने के लिए खाईंयां खुदवाकर रास्तों को बंद करा दिया है।
पुलिस की मिलीभगत से चल रहा खेल
रेंजर ने बताया कि जब तीन गावों में जाकर छापा मारा, तो पाया गया कि यहां से खनन कर माफियाओं द्वारा पत्थरों को डंपरों व ट्रैक्टरों में भरकर बीबीपुर चौकी के सामने से ले जाया जा रहा था। जिसकों पुलिस द्वारा कोई रोक-टोक नहीं की जा रही थी।
अन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने पुलिस को कई बार मदद करने के लिए पर्वत पर आने की सूचना दी, लेकिन दो दिन बाद तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जिससे साफ दर्शता है कि खनन का यह खेल चौकी पुलिस की मदद से चल रहा है।
विभाग ने थपथपाई रेंजर की पीठ
जिला वन विभाग के अधिकारी वेदप्रकाश ने रेंजर रमेश सिंह सैनी द्वारा खनन को रोकने के लिए दिन-रात किए गए प्रयासों को लेकर उनकी व विभाग के कर्मचारियों की पीठ थपथपाई है।
अवैध खनन व कटाई नहीं होगी बर्दाश्त
रमेश सिंह सैनी ने बताया कि मान्नीय सुप्रीम कोर्ट व डीएफओ के आदेशानुसार अरावली पर अवैध खनन व कटाई किसी किमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-समय पर उनके द्वारा चैकिं ग की जाएगी। अगर कही कोई माफिया अवैध खनन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए वाहन को भी जब्त कर लिया जाएगा।
खनन रोकने के लिए मांगा ग्रामीणों का सहयोग
रमेश सिंह सैनी ने अरावली में हो रहे खनन व कटाई को लेकर लोगों की निष्क्रियता पर चिंता करते हुए गाव के लोगों के साथ बैठक कर उन्हें पहाडों व पेडों के महत्व को समझाते हुए इसे रोकने के लिए सहयोग की अपील भी की है।
बारूद को दशहत फैलाने में प्रयोग
वन विभाग के अधिकारियों ने खुले आने वाले बारुद को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि जब खुले आम पुलिस व सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रख खनन के लिए बारुद आ सकता है तो उसका प्रयोग खनन में ही नहीं बल्कि मेवात में आतंकवाद फैलाने में भी किया जा सकता है।