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Delhi NCR News: मॉडल टाउन में अवैध बोरवेल कंक्रीट से बंद, एनजीटी के आदेश पर कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में भूजल दोहन रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध बोरवेलों को हमेशा के लिए जमींदोज कर दिया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के सख्त रुख के बाद सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने इन बोरवेलों को कंक्रीट से भरवाकर सील करने की कार्रवाई की है।
एसडीएम मॉडल टाउन द्वारा एनजीटी को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, 6 और 28 मार्च को राजस्व विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने शक्ति नगर और प्रेम नगर के विभिन्न प्लॉटों का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई बोरवेल पहले से सील थे, लेकिन उनमें पंप लगे हुए थे। भविष्य में इनके दोबारा इस्तेमाल की गुंजाइश को खत्म करने के लिए प्रशासन ने इन्हें कंक्रीट से पूरी तरह भरने का निर्णय लिया।
स्थायी रूप से बंद हुए बोरवेल
रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि अब ये बोरवेल पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं और इन्हें दोबारा चालू करना असंभव है। स्थानीय अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि भूजल संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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नई दिल्ली। दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में भूजल दोहन रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध बोरवेलों को हमेशा के लिए जमींदोज कर दिया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के सख्त रुख के बाद सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने इन बोरवेलों को कंक्रीट से भरवाकर सील करने की कार्रवाई की है।
एसडीएम मॉडल टाउन द्वारा एनजीटी को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, 6 और 28 मार्च को राजस्व विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने शक्ति नगर और प्रेम नगर के विभिन्न प्लॉटों का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई बोरवेल पहले से सील थे, लेकिन उनमें पंप लगे हुए थे। भविष्य में इनके दोबारा इस्तेमाल की गुंजाइश को खत्म करने के लिए प्रशासन ने इन्हें कंक्रीट से पूरी तरह भरने का निर्णय लिया।
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स्थायी रूप से बंद हुए बोरवेल
रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि अब ये बोरवेल पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं और इन्हें दोबारा चालू करना असंभव है। स्थानीय अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि भूजल संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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