चिकनगुनिया घातक बीमारी घोषित, लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या
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अभी तक दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री कह रहे थे कि चिकनगुनिया घातक बीमारी नहीं है और न ही इससे किसी मरीज की मौत होती है। लेकिन मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और अनियंत्रित होते हालात को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने चिकनगुनिया को घातक बीमारी घोषित करने के लिए दिल्ली नगर निगम को पत्र लिखा है।
अभी तक दिल्ली में डेंगू घातक बीमारी घोषित है। इस वर्ष अब तक दिल्ली नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक डेंगू के 1158 और चिकनगुनिया के 1734 मामले पंजीकृत किए गए हैं।
वहीं डेंगू से 18 और चिकनगुनिया से 13 मौत दिल्ली के अस्पतालों में हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली नगर निगम को पत्र लिखा।
सभी अस्पताल राजपत्रित अवकाश के दिन भी खुले रखने के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि चिकनगुनिया को इस श्रेणी में लाने का फायदा होगा कि अस्पताल मरीजों की पूरी विस्तृत जानकारी निगम को उपलब्ध कराएंगे।
इसके बाद यह पता चल पाएगा किस इलाके से मरीज ज्यादा आ रहे हैं, उसके अनुसार निगम की टीम वहां जाकर मच्छर मारने के लिए दवा का छिड़काव करेगी।
यही नहीं मरीजों की सही संख्या का भी पता चल पाएगा। अभी तक सभी अस्पताल मरीजों की सही जानकारी निगम को नहीं दे रहे हैं। जैन ने मोहल्ला क्लीनिक, पॉली क्लीनिक और डिस्पेंसरी को रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन भी खुले रखने के आदेश दिए हैं।
यह व्यवस्था 30 अक्तूबर तक लागू रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में मरीज की भीड़ लगी है। पूर्वी दिल्ली के लालबहादुर शास्त्री अस्पताल का जिक्र करते हुए जैन ने कहा कि यहां पहले प्रतिदिन औसतन 2000 मरीज इलाज के लिए आते थे, लेकिन इन दिनों यहां 6000 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिसमें 2000 फीवर क्लीनिक पहुंच रहे हैं।