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देश में पहली बार कोरोना पर लिखी कॉमिक का आईआईएमसी के महानिदेशक ने किया लोकार्पण
Tue, 29 Dec 2020 02:34 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 29 Dec 2020 02:34 AM IST
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गो कोरोना गो कॉमिक
- फोटो : amar ujala
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कोरोना महामारी और इसके चलते लोगों में मानसिक तनाव एक गंभीर स्थिति बन गई है। इससे बच्चे भी अछूते नहीं है। बच्चों में कोरोना का फोबिया ऐसा है कि नाम सुनते ही डरने लगते हैं। ऐसे में इन्हें फोबिया और तरह तरह की भ्रांतियों से बचाने के लिए देश की पहली सुपर हीरो आधारित कॉमिक की रचना की गई है।
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इसका सुपर हीरो वीरा काफी अच्छी प्रेरणा दे रहा है। वह बच्चों से लड़ना नहीं, बल्कि उन्हें कोरोना से बचाव की सलाह देता है। यह कहना है भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक डॉ. संजय द्विवेदी का।
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सोमवार को गो कोरोना गो कॉमिक के लोकार्पण पर डॉ. द्विवेदी ने कहा कि बाल मनोचिकित्सा को लेकर यह रचना सर्वश्रेष्ठ है। यश पब्लिकेशंस की ओर से प्रकाशित कॉमिक की लेखक अलका बरबेले ने बताया कि पांच स्कूली बच्चों और एक सुपर हीरो वीरा पर आधारित यह कॉमिक बच्चों को न सिर्फ कोरोना से लडना सिखाती है बल्कि उन्हें किस तरह अपना बचाव करना है, इसके बारे में भी जागरूक करती है।
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मुख्य वक्ता डिजीविद्यापीठ के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप खत्री ने कहा कि इस डिजिटल युग में इंटरनेट बच्चों के जीवन पर काफी असर डाल रहा है। इंटरनेट पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह की सामग्री उपलब्ध है। ऐसे में सही शिक्षा और मार्गदर्शन भी बहुत जरूरी है। इसी उद्देश्य को लेकर डिजीविद्यापीठ की स्थापना की गई। इस संस्था के जरिए डिजिटल माध्यम से पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
राष्ट्रीय कौशल विकास कारपोरेशन (एनएसडीसी) की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट काउंसिल (एमईएससी) ने हाल ही में एक समझौता भी किया है।उन्होंने विश्वास जताया कि गो कोरोना गो कॉमिक भी बच्चों को कोविड-19 काल में सही दिशा देने का प्रयास करेगी।
वहीं, पब्लिक रिलेशंस सोसायटी, भोपाल के चेयरमेन डॉ. पुष्पेंद्र पाल सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गो कोरोना गो की कहानी को मुख्य धारा से एकदम विपरीत्त और महामारी काल में सबसे प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि पहले की भांति अब बच्चों में किताबों से लगाव कम होने लगा है। पहले कॉमिक की मांग काफी रहती थी और बच्चों में अध्ययन का आरंभ भी यहीं से होता था। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार और टीवी एंकर तुषार कौशिक ने सभी का आभार व्यक्त किया।