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Delhi NCR News: हाईटेक निगरानी से लैस होगा आईजीआई एयरपोर्ट
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- हर कोने पर डिजिटल नजर, सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
- पार्किंग से लेकर रनवे व कार्गो जोन तक फैलेगा सीसीटीवी नेटवर्क
शनि पाथौली
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए हाईटेक निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके तहत एयरपोर्ट परिसर, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कैंपों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखना और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान करना है।
नई परियोजना के तहत हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का विस्तृत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो 24 घंटे निगरानी करेगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही चिन्हित स्थानों पर सप्लाई, इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग का कार्य शुरू होगा। इससे यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और बेहतर सुनिश्चित हो सकेगी।
हर संवेदनशील स्थान पर होगी नजर-
इस नई निगरानी प्रणाली के तहत एयरपोर्ट के प्रवेश और निकास द्वार, पार्किंग एरिया, कार्गो जोन, रनवे के आसपास के क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण स्थान कवर किए जाएंगे। सभी कैमरे रियल टाइम मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग की सुविधा से लैस होंगे। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों का पहले ही आकलन कर सकेंगी।
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अपराध और घुसपैठ पर लगेगा अंकुश-
यह सिस्टम चोरी, अनधिकृत प्रवेश और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद करेगा। किसी घटना की स्थिति में जांच प्रक्रिया भी तेज और सटीक हो जाएगी, क्योंकि हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
अत्याधुनिक फीचर्स से लैस होंगे कैमरे-
कैमरों में नाइट विजन, मोशन डिटेक्शन और फेस रिकग्निशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। नाइट विजन से रात में भी स्पष्ट निगरानी संभव होगी, जबकि मोशन डिटेक्शन असामान्य गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट देगा। फेस रिकग्निशन तकनीक संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में सहायक होगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट के कंट्रोल रूम को भी आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा।
एकीकृत नेटवर्क के तहत जोड़ा जाएगा सिस्टम-
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि एयरपोर्ट के नियमित संचालन पर कोई प्रभाव न पड़े। इंस्टॉलेशन के बाद पूरे सिस्टम को एकीकृत नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यहां से हर साल लगभग 7 से 7.5 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं, जबकि रोजाना औसतन 1.8 से 2 लाख यात्रियों का आवागमन होता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।
पहले से लागू हैं कई सुरक्षा उपाय-
देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल आईजीआई एयरपोर्ट पर हर साल करोड़ों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है। वर्तमान में भी मल्टी-लेयर सिक्योरिटी चेक, एक्स-रे मशीन, बॉडी स्कैनर और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं, जिन्हें अब और हाईटेक बनाया जा रहा है।
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- पार्किंग से लेकर रनवे व कार्गो जोन तक फैलेगा सीसीटीवी नेटवर्क
शनि पाथौली
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए हाईटेक निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके तहत एयरपोर्ट परिसर, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कैंपों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखना और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान करना है।
नई परियोजना के तहत हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का विस्तृत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो 24 घंटे निगरानी करेगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही चिन्हित स्थानों पर सप्लाई, इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग का कार्य शुरू होगा। इससे यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और बेहतर सुनिश्चित हो सकेगी।
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हर संवेदनशील स्थान पर होगी नजर-
इस नई निगरानी प्रणाली के तहत एयरपोर्ट के प्रवेश और निकास द्वार, पार्किंग एरिया, कार्गो जोन, रनवे के आसपास के क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण स्थान कवर किए जाएंगे। सभी कैमरे रियल टाइम मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग की सुविधा से लैस होंगे। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों का पहले ही आकलन कर सकेंगी।
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अपराध और घुसपैठ पर लगेगा अंकुश-
यह सिस्टम चोरी, अनधिकृत प्रवेश और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद करेगा। किसी घटना की स्थिति में जांच प्रक्रिया भी तेज और सटीक हो जाएगी, क्योंकि हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
अत्याधुनिक फीचर्स से लैस होंगे कैमरे-
कैमरों में नाइट विजन, मोशन डिटेक्शन और फेस रिकग्निशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। नाइट विजन से रात में भी स्पष्ट निगरानी संभव होगी, जबकि मोशन डिटेक्शन असामान्य गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट देगा। फेस रिकग्निशन तकनीक संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में सहायक होगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट के कंट्रोल रूम को भी आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा।
एकीकृत नेटवर्क के तहत जोड़ा जाएगा सिस्टम-
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि एयरपोर्ट के नियमित संचालन पर कोई प्रभाव न पड़े। इंस्टॉलेशन के बाद पूरे सिस्टम को एकीकृत नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यहां से हर साल लगभग 7 से 7.5 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं, जबकि रोजाना औसतन 1.8 से 2 लाख यात्रियों का आवागमन होता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।
पहले से लागू हैं कई सुरक्षा उपाय-
देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल आईजीआई एयरपोर्ट पर हर साल करोड़ों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है। वर्तमान में भी मल्टी-लेयर सिक्योरिटी चेक, एक्स-रे मशीन, बॉडी स्कैनर और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं, जिन्हें अब और हाईटेक बनाया जा रहा है।