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खो गया है एटीएम तो नया कार्ड चालू कराने से पहले करा लें ये काम, नहीं तो लग सकता है लाखों का चूना

Fri, 13 Jul 2018 10:20 AM IST
आशुतोष दुबे, अमर उजाला, नोएडा
आशुतोष दुबे, अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 13 Jul 2018 10:20 AM IST
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if your atm is lost so first block it  before issuing new or else you may bear loss of lakhs
Cyber Crime

सावधान, यदि आपका एटीएम कॉर्ड खो गया, तो उसे ब्लॉक जरूर करा दें न की शिकायत देकर दूसरा एटीएम कॉर्ड चालू कराएं। एक ऐसे ही मामले में एक मीडिया कर्मी के खाते से विदेश में एक लाख रुपए निकाल लिए गए।

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असल में इसमें गलती बैंक प्रबंधन की है। लेकिन खामियाजा पीड़ित को भुगतना पड़ रहा है। वह बैंक और साइबर सेल के चक्कर काट रहा है। पीड़ित मीडिया कर्मी का एटीएम मार्च में नोएडा में खो गया था।
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इसके बाद उसने बैंक में शिकायत की, लेकिन बैैंक प्रबंधन ने कॉर्ड ब्लॉक नहीं किया जबकि दूसरा एटीएम कॉर्ड जारी कर दिया। मार्च से लेकर पीड़ित अब तक दूसरे एटीएम कॉर्ड से ट्रांजेक्शन कर रहा था, लेकिन उसे पता नहीं था कि चार माह बाद उनके पहले वाले एटीएम कार्ड से ऑनलाइन एक लाख रुपये निकाल लिए गए।
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इसकी जानकारी उन्होंने बैंक में जाकर की। बैंक अधिकारी ने बताया कि पहला कार्ड ब्लॉक नहीं है। उससे ही ट्रांजेक्शन हुआ है। यह ट्रांजेक्शन यूरोप के किसी शहर से किया गया है। यह बात सुन पीड़ित के होश उड़ गए।

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cyber crime

साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने बताया कि अक्सर बैंक खाता खोेलने के बाद मास्टर कार्ड और वीजा कॉर्ड ही उपभोक्ताओं को देता है। यह उपभोक्ता की मांग भी होती है। लेकिन जानकर हैरानी होगी कि यूरोप व ईस्ट के देशों में वीजा या मास्टर कॉर्ड से ट्रांजेक्शन के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती।

वहां कॉर्ड नंबर और एक्सापाइरी डेट व सीवीवी नंबर से ही ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। अगर उपभोक्ता कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें, तो साइबर अपराध पर रोक लगाई जा सकती है। लेकिन ऐसा कभी नहीं होता है कि इनसे संबंधित मामले साइबर सेल में न आए। रोजाना साइबर ठग लाखों रुपये की सेंध लगा रहे हैं।

इस तरह से लोगों को बनाते हैं ठगी का शिकार
-कार्ड की क्लोनिंग कर खाते से रुपये निकालते हैं
-4जी में बदलने के बहाने सिम को स्कैन कर लेते हैं
-मोबाइल पर ओटीपी व लिंक भेजते हैं
-फोन कर झांसे में लेकर खाते से संबंधित जानकारी लेते हैं
-लुभावने ऑफर देकर खाते में रुपये डलवाते हैं
-इंश्योरेंस के नाम पर घर जाकर साइन किया हुआ चेक लेते हैं
-पेटीएम खाते की जानकारी लेकर रुपये उड़ा लेते हैं
-मेल आईडी को हैक करके पूरी जानकारी हासिल करते हैं
-एटीएम बूथ पर कार्ड बदलकर रुपये निकाल लेते हैं।

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