{"_id":"65f8ccc380a748b1890075a3","slug":"if-you-are-found-with-rs-10-lakh-in-cash-while-traveling-in-a-train-you-will-have-to-account-for-it-2024-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indian Railways: सफर के दौरान 10 लाख से अधिक मिले तो देना होगा जवाब, ट्रेनों में शुरु हुई जांच-पड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indian Railways: सफर के दौरान 10 लाख से अधिक मिले तो देना होगा जवाब, ट्रेनों में शुरु हुई जांच-पड़ताल
Tue, 19 Mar 2024 04:52 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 19 Mar 2024 04:52 AM IST
विज्ञापन
Train demo
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेन में सफर के दौरान यदि आपके पास 10 लाख रुपये नकद पाए जाते हैं, तो उसका हिसाब देना होगा। मसलन रकम किसकी है कहा से आई, कहां और किसको देना है आदि के बारे में रेलवे और राज्य पुलिस को जानकारी देनी होगी। यदि पुलिस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई तो कानूनी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
वहीं, अगर रकम 10 लाख से अधिक है तो आयकर विभाग पूछताछ करेगा। लोकसभा चुनाव की घोषणा करते समय मुख्य चुनाव आयुक्त ने ट्रेनों के जरिये धनशोधन रोकने के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और गवर्नमेंट रिजर्व पुलिस (जीआरपी) को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ जीआरपी और अधिकारियों को अलर्ट तो कर दिया गया है लेकिन पार्सल के जरिए मनी लांड्रिंग रोकना रेलवे के लिए चुनौतीपूर्ण है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि 10 लाख रुपये तक किसी व्यक्ति के पास मिले तो हिसाब देना होगा। इससे अधिक रुपये होने पर आयकर विभाग को सूचना देंगे, वहीं आगे की जांच करेगा।
विज्ञापन
पूर्व में पार्सल के जरिये ट्रेनों से विभिन्न तरह के मादक पदार्थों तस्करी होती रही है। दिल्ली से देशभर के विभिन्न राज्यों के बीच हजारों टन पार्सल रोजाना भेजा और प्राप्त किया जाता है। बड़ी संख्या में व्यापारी माल दिल्ली से बाहर विभिन्न राज्यों को भेजते है और मंगवाते भी हैं। पार्सल के करने के लिए लोगों को फार्म भरना पड़ता है कि वह क्या भेज रहे हैं। सामान पैक होता है, ऐसे में खोलकर सामान की जांच नहीं होती है। यदि स्कैन भी किया जाता है तो सिर्फ मेडल की चीजों की पहचान की जा सकती है। कागज के नोटों की पहचान नहीं हो सकती है। ऐसे में पार्सल के जरिये मनी लांड्रिंग न हो इसे रोकना बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
बता दें कि दिल्ली में नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार, सराय काले खां से भारी मात्रा में पार्सल की बुकिंग होती है। इस बार लोकसभा चुनाव सात चरणों में है। दिल्ली में छठें चरण में लोकसभा चुनाव है। इस संबंध में रेलवे के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आरपीएफ और जीआरपी के साथ अधिकारी सतर्क हैं, जिससे की ट्रेन के जरिए चुनाव में पैसा एक से दूसरी जगह न भेजा जा सके।