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सरपंच चाहे, तो गांव में बदलाव करें: डीसी
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 26 Feb 2016 06:04 PM IST
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छोटी सरकार यानी गांवों की पंचायतों के प्रतिनिधियों को सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी देने के लिये शुक्रवार को मेवात जिला के बीडीपीओं कार्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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इस मौके परमेवात के डीसी मकरंद पांडुरंग, एडीसी मनिराम शर्मा सहित अधिक्तर विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मौके पर सभी विभागों ने ग्राम स्तर पर चलाये जाने वाली योजनाओं को नवनिवार्चित पंच सरपंच, ब्लोक समिति सदस्य और जिला पार्षदों को जानकारी दी।
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वहीं बाद में उपायुक्त मकरंद पांदुरंग ने मीडिया से बात करते हुऐ बताया कि नये चुने गये पंचायत निकाय के प्रतिनिधियों को उनके कार्य से संबंधित जानकारी दी गई है। ऐसी कार्यशाला मेवात के अन्य खण्डों में भी आयोजित की जाऐगी।
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उन्होने बताया कि योजनाओं से संबधित जानकारी के लिये विभाग एक किताब जारी करने वाला है जिसमें सभी विभागों की जानकारी होगी। डीसी ने भ्रष्टाचार मुक्त पचायत चलाने का भी उनसे आहवान किया। डीसी ने कहा कि सरकार की योजना है कि हर गांव में पंचायत सचिवालय बने जहां पर सभी अधिकारी बेठे और सचिवालय पर इंटरनेट की सुविधा दी जाऐगी।
इससे पहले उपायुक्त ने कार्यशाला को सबोधित करते हुऐ कहा कि गांवों के विकास में और गांवों में रह रहे लोगों को हर प्रकार की मूलभूत सुविधा मुहैया कराने में सरपंच महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरपंच की वजह से बहुत से गांव का विकास हुआ है।
ऐसे बहुत से उदाहरण देखने को मिलते हैं। सरपंच चाहे तो गांव में बदलाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि गांव में पीने के पानी की समस्या से लेकर सरकार की तरफ से जो भी योजनाएं क्रियान्वित हैं, उनमें सरपंच रूचि लेकर कार्य करे, साथ ही उनके गांव में कितने बच्चे पढ़े-लिखे हैं और कितने अशिक्षित हैं और जो बच्चे अशिक्षित हैं, वे क्यों नहीं स्कूल जा रहे हैं, उन्हें सरपंच स्कूल भिजवाने के लिए प्रेरित करे।
साथ ही गांव में सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य, टीकाकरण व संस्थागत डिलीवरी पर भी अपना ध्यान केन्द्रित करें ताकि उनके गांव में लोग सुखमय जीवन व्यतीत कर सकें।
उपायुक्त ने सरपंचों से यह भी कहा कि वे अपने गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखे व लोगों की सोच को बदलें तथा उन्हें गांव में सामुहिक विकास करवाने व सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अन्य सामाजिक बुराईयों को दूर करने के लिए जागरुक करें।
उन्होंने कहा कि अगर गांव में कोई भी व्यक्ति गलत कार्य करता है तो उसको समझाए। गांव में पशुओं के लिए चारा मुहैया कराने के साथ-साथ अन्य सामुहिक कार्य करवाने व इंसानों की भलाई के लिए कार्य करें क्योंकि समाज में सबसे भला व्यक्ति वह है, जो आम इंसानों की भलाई के काम करता है। वह समाज में बदलाव लाने के साथ-साथ अपने गांव का विकास भी करे। उन्होंने कहा कि जो सरपंच गांव में अच्छे काम करेगा, उसे सम्मानित भी किया जाएगा।
इस कार्यशाला में फिरोजपुर झिरका उपमंडल के एसडीएम जयदीप कुमार, बीडीपीओ पुन्हाना वीरेन्द्र सिंह, पीओ, आईसीडीएस सुनीता शर्मा, डीपीआरओ दलबीर दहिया, डीआरडीए के लेखा अधिकारी बलराज सेठी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।