'खरीद-फरोख्त करनी होती तो पहले ही गिर गई होती हरीश रावत सरकार'
उत्तराखंड की राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाले कांग्रेस के बागी विधायकों ने अपना ठिकाना बदल लिया है। मुमकिन है कि यहां कुछ दिन और रहते तो हरीश रावत समर्थक उनके पास पहुंच जाते। इस बात का खुलासा इसी होटल में रह रहे कुछ भाजपा विधायकों ने किया है।
सोमवार को एक भी बागी विधायक यहां नहीं दिखा और न ही उनकी गाड़ियां। बागी विधायक इस पांच सितारा होटल में शनिवार से थे। ऐसे में यह भी आरोप लग रहा था कि इसका खर्च कौन उठा रहा है।
एक तरफ कांग्रेस के बागी विधायक होटल से निकल गए तो दूसरी ओर यहां रह रहे भाजपा विधायकों ने बड़ी मुश्किल से दो दिन बाद मुंह खोला। वरना उन्होंने तो मौन धारण कर रखा था।
रावत को भाजपा ने नहीं बल्कि उनके अपनों ने ही झटका दिया
खटीमा के विधायक और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत को भाजपा ने नहीं बल्कि उनके अपनों ने ही झटका दिया है। वह तो खनन और शराब माफियाओं के आगे अपने मंत्रियों और विधायकों तक की नहीं सुनते थे।
उन्होंने कहा कि सदन में भाजपा ने सिर्फ विपक्ष की भूमिका निभाई। कांग्रेस में जिन लोगों को घुटन हो रही थी वह उनके साथ आ गए। भाजपा उनके साथ नहीं गई थी।
भाजपा को जोड़तोड़ करनी होती तो पहले ही यह सरकार गिर गई होती
भाजपा को जोड़तोड़ करनी होती तो पहले ही यह सरकार गिर गई होती। उनके नेता राहुल गांधी अपने ही मंत्रियों से मिल नहीं रहे थे। अब सब कुछ बिगड़ गया तो भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं।
किच्छा विधानसभा से भाजपा विधायक राजेश शुक्ला का दावा है कि भाजपा के सभी विधायक और कांग्रेस के नौ बागी चट्टान की तरह अपनी बात पर अड़े हुए हैं। पहले हरीश रावत सरकार को बर्खास्त करवाएंगे, उसके बाद नई सरकार का गठन करवाएंगे।
सभी 35 विधायकों की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात हो चुकी है। शाह ने कहा है कि अगर कांग्रेस के नौ बागी विधायक साथ देते हैं तो सरकार बनने पर उनके मान-सम्मान का ध्यान रखा जाएगा। शुक्ला ने चुटकी ली कि 28 तारीख को वही होगा जो 18 तारीख को हुआ था।
भाजपा विधायकों के तीर
-कांग्रेस ने भाजपा विधायक गणेश जोशी को फंसाकर घोड़े पर राजनीति की है।
-श्रीराम ने रावण का अंत रावण के कुनबे के लोगों के माध्यम से ही करवाया। ये बागी कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के लिए इसी तरह से सहायता कर रहे हैं।
-सरकार के अल्पमत में होने के बावजूद हरीश रावत बड़े फैसले ले रहे हैं जो गलत है।