फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   If i were minister, this not happened: avtar singh bhadana

'कांग्रेस मुझे मंत्री बनाती तो ऐसी नौबत न आती'

Thu, 29 May 2014 11:06 PM IST
Updated Thu, 29 May 2014 11:06 PM IST
विज्ञापन
If i were minister, this not happened: avtar singh bhadana

लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद हरियाणा राज्य के पार्टी पदाधिकारी अपनी भड़ास निकालने लगे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं फरीदाबाद से प्रत्याशी रहे अवतार सिंह भड़ाना का कहना है कि यदि उन्हें मंत्री बनाया जाता तो यहां पर स्थितियां कुछ और होतीं।

विज्ञापन


‘अमर उजाला’ से बातचीत में भड़ाना के मंत्री न बन पाने का दर्द छलका। वह एक बार मेरठ और तीन बार फरीदाबाद से सांसद रह चुके हैं। भड़ाना ने कहा कि इतनी बार चुनाव जीतने के बाद भी पार्टी ने उनकी वह कद्र नहीं की जिसके वह हकदार थे।
विज्ञापन


इसके बावजूद वह पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करते रहे। आगे भी करते रहेंगे। पार्टी ने जिनकी कद्र की उन्होंने लोकसभा चुनाव में भितरघात किया।

मुख्यमंत्री अपने रिश्तेदारों को हटाएंगे या नहीं

If i were minister, this not happened: avtar singh bhadana

सरकार में जगह न मिलने के कारण क्षेत्र की जनता और गुर्जर समाज में निराशा हुई। जिसका फायदा भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर को मिला। वह भी मेरे भाई हैं। उन्हें उनकी पार्टी ने अच्छा मान-सम्मान दिया है, इसलिए उन्हें बधाई। उम्मीद है कि वह जनता के लिए अच्छा काम करेंगे। ऐसा ही सम्मान उन्हें कांग्रेस देती तो वह यहां से हारते नहीं।

भड़ाना ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी भंग होने पर कहा कि यह तो होना ही था। लेकिन देखना यह है कि मुख्यमंत्री अपने रिश्तेदारों और विधायकों, मंत्रियों को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाते हैं या नहीं।

भड़ाना ने कहा कि वह दबाव बनाएंगे कि बड़े भितरघातियों पर भी कार्रवाई हो और संगठन की ओवरहालिंग करके नए सिरे से खड़ा किया जाए। वरना पार्टी को हरियाणा में दोबारा खड़ा करना मुश्किल होगा।

बीमारी भितरघात की लगी है

If i were minister, this not happened: avtar singh bhadana

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी पर उनकी मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर से मुलाकात हुई थी।

मुख्यमंत्री के सामने उन्होंने राठौर से लोकसभा चुनाव में सहयोग न करने के बारे में सवाल पूछा तो बहाना बीमार होने का मिला।

लेकिन मैं कहता हूं कि असल में इनकी बीमारी तो भितरघात करने की थी। क्योंकि वोटिंग होने के अगले दिन से वह सक्रिय हो गईं। समय आने पर ऐसे लोगों को जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed