'कांग्रेस मुझे मंत्री बनाती तो ऐसी नौबत न आती'
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लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद हरियाणा राज्य के पार्टी पदाधिकारी अपनी भड़ास निकालने लगे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं फरीदाबाद से प्रत्याशी रहे अवतार सिंह भड़ाना का कहना है कि यदि उन्हें मंत्री बनाया जाता तो यहां पर स्थितियां कुछ और होतीं।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में भड़ाना के मंत्री न बन पाने का दर्द छलका। वह एक बार मेरठ और तीन बार फरीदाबाद से सांसद रह चुके हैं। भड़ाना ने कहा कि इतनी बार चुनाव जीतने के बाद भी पार्टी ने उनकी वह कद्र नहीं की जिसके वह हकदार थे।
इसके बावजूद वह पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करते रहे। आगे भी करते रहेंगे। पार्टी ने जिनकी कद्र की उन्होंने लोकसभा चुनाव में भितरघात किया।
मुख्यमंत्री अपने रिश्तेदारों को हटाएंगे या नहीं
सरकार में जगह न मिलने के कारण क्षेत्र की जनता और गुर्जर समाज में निराशा हुई। जिसका फायदा भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर को मिला। वह भी मेरे भाई हैं। उन्हें उनकी पार्टी ने अच्छा मान-सम्मान दिया है, इसलिए उन्हें बधाई। उम्मीद है कि वह जनता के लिए अच्छा काम करेंगे। ऐसा ही सम्मान उन्हें कांग्रेस देती तो वह यहां से हारते नहीं।
भड़ाना ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी भंग होने पर कहा कि यह तो होना ही था। लेकिन देखना यह है कि मुख्यमंत्री अपने रिश्तेदारों और विधायकों, मंत्रियों को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाते हैं या नहीं।
भड़ाना ने कहा कि वह दबाव बनाएंगे कि बड़े भितरघातियों पर भी कार्रवाई हो और संगठन की ओवरहालिंग करके नए सिरे से खड़ा किया जाए। वरना पार्टी को हरियाणा में दोबारा खड़ा करना मुश्किल होगा।
बीमारी भितरघात की लगी है
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी पर उनकी मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर से मुलाकात हुई थी।
मुख्यमंत्री के सामने उन्होंने राठौर से लोकसभा चुनाव में सहयोग न करने के बारे में सवाल पूछा तो बहाना बीमार होने का मिला।
लेकिन मैं कहता हूं कि असल में इनकी बीमारी तो भितरघात करने की थी। क्योंकि वोटिंग होने के अगले दिन से वह सक्रिय हो गईं। समय आने पर ऐसे लोगों को जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी।