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हवा गुणवत्ता 30 फीसदी सुधरे तो 3 वर्ष बढ़ जाएगी जीवन प्रत्याशा
Wed, 30 Jan 2019 06:44 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 30 Jan 2019 06:44 AM IST
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वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली समेत देश के 102 शहरों की वायु गुणवत्ता को अगले पांच वर्ष में स्वच्छ बनाने के लिए जारी राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत 20 से 30 फीसदी तक सुधार हुआ तो दिल्लीवासियों की जीवन प्रत्याशा में 3 वर्ष की बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह अध्ययन शिकागो यूनिवर्सिटी के दिल्ली स्थित एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (ईपीआईसी) ने किया है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 10 जनवरी को एनसीएपी को शुरू किया था। इसके तहत देश के 102 वायु प्रदूषित शहरों के लिए बहुद्देशीय रणनीति है। रिपोर्ट के मुताबिक, 102 शहरों में 25 फीसदी तक पार्टिकुलेट मैटर में कमी आती है तो सालाना औसत पीएम 2.5 के स्तर में 25 फीसदी कमी आने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार में रहने वालों की जीवन प्रत्याशा में 2 से 3 वर्ष की बढ़ोत्तरी हो सकती है।
दिल्ली की बात की जाए तो पीएम 2.5 में सालाना 25 फीसदी की कमी से जीवन प्रत्याशा अनुमानत: 2.8 वर्ष बढ़ सकती है। जीवन प्रत्याशा सूचकांक तैयार करने वाले ईपीआईसी के प्रोफेसर मिशेल ग्रीनस्टोन ने कहा कि एनसीएपी भारत की पर्यावरणीय नीति का एक अहम कार्यक्रम है।
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केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 10 जनवरी को एनसीएपी को शुरू किया था। इसके तहत देश के 102 वायु प्रदूषित शहरों के लिए बहुद्देशीय रणनीति है। रिपोर्ट के मुताबिक, 102 शहरों में 25 फीसदी तक पार्टिकुलेट मैटर में कमी आती है तो सालाना औसत पीएम 2.5 के स्तर में 25 फीसदी कमी आने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार में रहने वालों की जीवन प्रत्याशा में 2 से 3 वर्ष की बढ़ोत्तरी हो सकती है।
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दिल्ली की बात की जाए तो पीएम 2.5 में सालाना 25 फीसदी की कमी से जीवन प्रत्याशा अनुमानत: 2.8 वर्ष बढ़ सकती है। जीवन प्रत्याशा सूचकांक तैयार करने वाले ईपीआईसी के प्रोफेसर मिशेल ग्रीनस्टोन ने कहा कि एनसीएपी भारत की पर्यावरणीय नीति का एक अहम कार्यक्रम है।
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