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गलती न करना मां: गर्भवती भोजन के तुरंत बाद पीती है चाय तो शिशु में होगी मिर्गी की बीमारी, पढ़ें बचाव के तरीके

Mon, 26 Feb 2024 06:41 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, ग्रेटर नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, ग्रेटर नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 26 Feb 2024 06:41 PM IST
सार

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि नवजात का जन्म के बाद न रोना समेत कई ऐसी समस्याएं हैं जो र्भावस्था में महिलाओं के शरीर में फोलिक एसिड की कमी होती है।

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If a pregnant woman drinks tea immediately after food her baby will suffer from epilepsy
गर्भवती महिलाएं न पीएं खाना खाने के बाद चाय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आर्युविज्ञान संस्थान (जिम्स) में हर रोज दौरे (मिर्गी) पड़ने वाले नवजात शिशु पहुंच रहे हैं। हर रोज दो से तीन नवजातों का जिम्स में इलाज किया जा रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों में यह बीमारी जन्म से 10 व 15 साल के बच्चों में पाई जा रही है। यह बीमारी नवजात शिशु व बच्चों में गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में फोलिक (फोलेट) एसिड की कमी फैल रही है। यह समस्या उन गर्भस्थ महिलाओं में अधिक होती है जो भोजन के तत्काल बाद चाय पीती हैं।

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गर्भावस्था के दौरान फोलेट की कमी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। फोलेट भ्रूण के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसकी कमी के कारण बच्चों के दिमाग में इंफेक्शन, रक्त का थक्का जमना और स्मरण शक्ति क्षति आदि बीमारी हो रही हैं। अस्पताल में पिछले छह महीनों में हर माह करीब 20 से 25 नवजात शिशु व बच्चे दौरे पड़ने वाले पहुंचे हैं। 

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अस्पताल प्रशासन की माने तो नवजातों में यह बीमारी गर्भावस्था में महिलाओं में फोलिक एसिड (बी9) की कमी के कारण होती है। इस बीमारी से नवजात व बच्चों को बचाने के लिए महिलाओं को गर्भावस्था के समय फोलिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। 

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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि नवजात का जन्म के बाद न रोना समेत कई ऐसी समस्याएं हैं जो र्भावस्था में महिलाओं के शरीर में फोलिक एसिड की कमी होती है। फोलिक की कमी कई प्रकार के लक्षण और जटिलताएं पैदा करती हैं। इससे बचाव के महिलाओं को खाद्य पदार्थों में पत्तेदार सब्जियां, खट्टे फल, मेवे, फलियां, मटर, अंडे व अनाज आदि का नियमित सेवन करना चाहिए।

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मीतू ने बताया कि फोलिक एसिड की कमी खास कर किशोरी-लड़कियां व महिलाओं में होती है। यह बीमारी उनमें माहवारी के समय भी हो सकती है। नवजात शिशु व बच्चों को दौरे पड़ने की बीमारियों से बचाने के लिए महिलाओं को विटामिन बी9 युक्त पदार्थों का नियमित सेवन करना चाहिए। जल्दी-जल्दी गर्भधारण से बचना चाहिए।

इन खाद्य पदार्थों का करें सेवन
शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कण बनाने के लिए फोलिक एसिड की आवश्यकता होती है। इस कमी को दूर करने के लिए महिलाओं को गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां, मूंगफली, अंडे, कुकुरमुत्ता (मशरूम), मटर व फलियां, आलू, दालें, गुड़, गोभी, सूखे मेवे, चोकर वाला आटा, मछली, बाजरा, शलगम, अनानास, अंकुरित दालों व अनाजों का नियमित प्रयोग करें।

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