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आप पर जमकर बरसे भूषण, बोले- बिल देखकर उड़ गई हवाइयां

Sat, 28 Nov 2015 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 28 Nov 2015 10:03 PM IST
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I saw my pale bill flew, Its not Ombudsman its Jokpal.

आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता, सामाजिक कार्यकर्ता व प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण ने दिल्ली सरकार के जनलोकपाल बिल को कठघरे में खड़ा किया है।

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उन्होंने शनिवार को सेक्टर-14 स्थित आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जनलोकपाल बिल को कमजोर करने का आरोप लगाया। वहीं, शांति भूषण ने केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की।
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प्रशांत ने कहा, ‘मैंने बिल देखा तो मेरी हवाइयां उड़ गईं। मुझे आशंका थी कि बिल ऐसा ही बनाया जाएगा। इससे तो लोकपाल सरकार के कब्जे में रहेगा।

शांति भूषण ने मांगा केजरीवाल का इस्तीफा

I saw my pale bill flew, Its not Ombudsman its Jokpal.

लोकपाल की नियुक्ति सरकार करेगी, क्योंकि चार में से दो लोग सरकार के रहेंगे और नियुक्ति में कुल तीन राजनेता शामिल होंगे। विधेयक एक स्वतंत्र लोकपाल के सभी सिद्धांतों को ध्वस्त करता है और यह जोकपाल है।

बिल जानबूझकर ऐसा बनाया गया है, ताकि केंद्र से टकराव हो और असफल साबित हो जाए। बिल पारित हो गया तो लोकपाल की नियुक्ति और उसे पद से हटाने का अधिकार राज्य सरकार के पास ही आ जाएगा।

वहीं, शांति भूषण ने कहा कि केजरीवाल अन्ना आंदोलन के जनलोकपाल बिल के मसौदे के प्रावधानों को कमजोर करके लोगों को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने मसौदा विधेयक, जिसे अभी दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया है के कुछ प्रावधान पढ़े हैं।

योगेन्द्र यादव ने बिल को बताया जोकपाल

I saw my pale bill flew, Its not Ombudsman its Jokpal.

इसके मुताबिक टकराव को बढ़ावा देने के लिए केंद्र के मंत्रियों और अधिकारियों को जानबूझकर प्रस्तावित विधेयक के दायरे में रखा गया है।

उधर, आप के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने भी लोकपाल की नियुक्ति, पद से हटाने, जांच के तरीके, जांच के क्षेत्र पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह जनलोकपाल नहीं, जोकपाल है।

केंद्र सरकार इसे मंजूरी नहीं देगी और विधेयक कभी पारित नहीं होगा। केजरीवाल की एक मजबूत लोकपाल बनाने की मंशा कभी नहीं रही। इधर, आप के असंतुष्ट दिल्ली विधायक पंकज पुष्कर भी भूषण के नोएडा स्थित आवास पर उपस्थित थे।

उन्होंने दावा किया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का सदस्य होने की हैसियत से वह विधेयक की एक प्रति हासिल करने में सफल रहे हैं।

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