प्रार्थना करती हूं कि बेटियां अब इस देश में जन्म न लें - स्वाति मालीवाल
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छोटी बच्चियों के साथ रेप करने वालों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठी दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में महिलाएं अनशन केसमर्थन में राजघाट स्थित समता स्थल पहुंची।
अनशन केदूसरे दिन स्वाति ने कहा कि जान दे दूंगी पर रेप रोकने का सिस्टम बनवा के रहूंगी। जब तक प्रधानमंत्री देश की बेटियों की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने का आश्वासन नही देते तब तक अनशन नहीं तोड़ूंगी। रेप की बढ़ती घटनाओं पर उन्होंने कहा कि प्रार्थना करती हूं कि बेटियां अब इस देश में जन्म न लें।
स्वाति मालीवाल को समर्थन देने के लिए दूसरे दिन निर्भया के माता-पिता भी पहुंचे। गैंग रेप से अपनी बेटी को खो चुकी निर्भया की माँ ने कहा हमारे समाज ने उन्नति तो बहुत कर ली है मगर आज भी हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने स्वाति मालीवाल की मांग दोहराते हुए कहा कि बलात्कारियों को फांसी की सजा दी जाए।
इसकेअलावा आम आदमी पार्टी विधायक बन्दना कुमारी व अलका लांबा भी अपना समर्थन देने के लिए राजघाट पहुंचे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के राजनीतिक सलाहकार एच सी शर्मा भी स्वाति मालीवाल के अनशन का समर्थन करने समता स्थल पहुंचे।
6 महीने में फांसी की सजा हो
उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान पर बोलते हुए कहा कि यह घटनाएं दो दिन से नहीं हो रही हैं। रोज हमारे देश में हजारों निर्भयायें सामने आ रही हैं। यह व्यवस्था रोज उनका बलात्कार कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि उनको देश को बताना चाहिए कि वह कब देश में ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जिसमे पुलिस की जवाबदेही तय हो और देश में इतने फास्ट ट्रैक कोर्ट हों जिससे अपराधी को 6 महीने में फांसी की सजा हो।
सूरत में बलात्कार के मामले पर उन्होंने कहा कि यह बलात्कार और हत्या 8 लोगों ने नहीं की बल्कि राज्य और देश की सरकारों ने एक और बेटी का बलात्कार और हत्या कर दी है। इस देश के नेता केवल बातें करते हैं कदम नहीं उठाते।
जम्मू कश्मीर चीफ जस्टिस को लिखा पत्र
कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने जम्मू-कश्मीर के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने चीफ जस्टिस से मामले पर संज्ञान लेते हुए जरुरी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बच्ची के माता-पिता केलिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, दोषियों को छ: माह के अंदर फांसी की सजा मिले, दोषियों को सपोर्ट करने वाले मंत्री के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो।