‘मैंने अपनी चाची को मार डाला है, मुझे गिरफ्तार कर लो।’
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अकबरपुर बहरामपुर में पार्किंग संचालक विनय ने रविवार को चाची बबीता देवी (42) की लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद खुद ही कार से थाने पहुंचा।
पुलिस से बोला ‘मैंने अपनी चाची को मार डाला है, मुझे गिरफ्तार कर लो।’ मारने की वजह पूछने पर बोला, वह मेरे लिए खतरा बन गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
पुलिस का कहना है कि बबीता भतीजे को शराब पीने से टोकती थी और पारिवारिक विवाद भी था, हत्या की वजह ये भी हो सकती हैं। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
क्या है पूरा मामला ?
बबीता बुलंदशहर की चंद्रावली की रहने वाली थीं। विजयनगर में शादी हुई थी। उनके दो बेटे पवन और दीपक हैं। पति बिजेंद्र स्कूल संचालक हैं। पारिवारिक मामला होने के कारण परिजनों ने हत्या की सूचना पुलिस को नहीं दी, हालांकि थाने पहुंचकर आरोपी खुद ही घटना बयां कर चुका था।
मृतका के पति ने बताया कि वारदात शाम करीब 4 बजे की है। बबीता रसोई में गैस पर पानी उबाल रही थी, इस दौरान विनय घर में घुस गया। किचन में जाकर बबीता की पीठ में एक गोली मारी, जो सीने को भेदती हुई बाहर निकल गई।
बबीता को फोर्टिस अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने बताया कि बिजेंद्र ने विनय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
बबीता अपने भतीजे को शराब पीने से टोकती थी। पुलिस ने जब आरोपी को पकड़ा, तब भी वह नशे में था। उससे पूछताछ की जा रही है।
आरोपी बोला ‘परिवार के लिए खतरा बन गई थी चाची’
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी ने पुलिस हिरासत में बताया कि ‘चाची उसकी पत्नी और बच्चों के लिए खतरा बन गई थी, उसको मारना मजबूरी थी। पुलिस से शिकायत करने के बजाय कानून हाथ में लेने के सवाल पर बोला कि कानून की बातें बस किताबों में अच्छी लगती हैं।’
हत्या के बाद थाने पहुंचकर विनय ने सरेंडर कर दिया। विनय को शराब के नशे में धुत देख पुलिस उसकी सूचना को झूठा मान रही थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजन मिले, लेकिन पुलिस को कुछ नहीं बताया।
किचन में खून पड़ा देख एक सिपाही ने पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हुआ।