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'हाथ जोड़कर विनती करता हूं.. मुझे मारपीट लो.. जो करना है कर लो'

Wed, 15 Jun 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 15 Jun 2016 10:18 PM IST
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"I am pleading with folded hands .. Take your fight to me .'
केजरीवाल और पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 21 संसदीय सचिव बिल लौटाए जाने के मामले में बुधवार को संसदीय सचिवों का इतिहास लेकर मीडिया के सामने आए।

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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर अंदाज में कहा, मैं मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं। आपकी लड़ाई मुझसे है। मुझे मारपीट लो, जो करना है कर लो। जो बदला लेना है, ले लो।
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मेरे दिल्ली के लोगों को परेशान मत करो। अच्छे काम रोकने की कोशिश मत करो। संसदीय सचिवों को अयोग्य करोगे, तो दिल्ली के लोगों को परेशानी होगी।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि 1953 से संसदीय सचिव बनते आ रहे थे, तो संवैधानिक और लीगल था। जब 2015 में हमने बनाए, तो असंवैधानिक और गैरकानूनी हो गया।

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संसदीय सचिव सरकार के हाथ और पैर

"I am pleading with folded hands .. Take your fight to me .'
केजरीवाल ने की प्रेस कांफ्रेंस - फोटो : ani

ये हमारे संसदीय सचिवों को अयोग्य करना चाहते हैं। ये 21 संसदीय सचिव हमारी सरकार के हाथ, पैर, कान, और हमारी आंख हैं। इनके भरोसे सरकार चला रहे हैं।

मोहल्ला क्लीनिक और जुलाई तक स्कूलों में बनकर तैयार होने वाले 8000 कमरे भी इन्हीं की मेहनत का नतीजा है। इन्हें कोई पैसा नहीं मिलता। केजरीवाल ने कहा, ये तो बिल्कुल वैसा ही है जैसे 100 चूहे खाकर भाजपा, 100 चूहे खाकर कांग्रेस हज करने चली।

जब साहिब सिंह वर्मा मुख्यमंत्री थे, तब नंद किशोर गर्ग को 7 मई 1997 को अपना संसदीय सचिव बनाया था। शीला दीक्षित की सरकार आई, तो अजय माकन को संसदीय सचिव बनाया।

इन्हें स्टाफ भी दे रखा था। छुट्टी स्वीकृत कर रहे थे, एसीआर साइन कर रहे थे। प्रह्लाद सिंह साहनी, सुरेंद्र कुमार, अनिल भारद्वाज, मुकेश शर्मा भी संसदीय सचिव रहे।

'हमारा काम सबसे अच्छा, पढ़े लिखे हमारे एमएलए'

"I am pleading with folded hands .. Take your fight to me .'
Arvind Kejriwal
इसके बाद केजरीवाल ने 1953 का आदेश दिखाया, जिसके हिसाब से एचकेएल भगत, कुमारी शादरा वशिष्ठ और शिवचरण दास गुप्ता उस समय संसदीय सचिव थे।

हमारा काम सबसे अच्छा, पढ़े लिखे हमारे एमएलए
केजरीवाल ने कहा हमारे एमएलए मेहनती हैं, पढ़े लिखे हैं। एमबीए, डॉक्टर, इंजीनियर हैं। इन लोगों की तरह नहीं है, जो सारी पार्टियों में अनपढ़ बैठे हैं। हमारे पास टैलेंट है।

लोगों ने वोट इसलिए दिए हैं, ताकि इसका फायदा लें। इन्होंने कमरों की जरूरत वाले स्कूल की मैपिंग की। अस्पतालों में जाकर गरीबों का इलाज कराते हैं। शिक्षक ठीक से नहीं पढ़ाते, तो जांचते हैं।

कुछ जगह बिजली जा रही थी, मैने इन्हें परसों ऑर्डर दिया। घूम-घूमकर जगह ढूंढो, ट्रांसफार्मर लगाने हैं। हमारी सरकार देश में सबसे अच्छा काम कर रही है। मोहल्ला क्लीनिक, सोलर पॉलिसी की अमेरिका और विदेशी एजेंसी में तारीफ हो रही है, इसे रोकने की कोशिश मत करो।
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