जानिए, क्यों हाइकोर्ट से पत्नी लेकर भाग गया पति
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करोल बाग निवासी मनीष ने अपने ही क्षेत्र में रहने वाली कौशल नाम की युवती से प्रेम विवाह किया। युवती के परिवार वाले उसे जबरन साथ ले गए तो मनीष ने पत्नी को वापस पाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली।
पुलिस ने कौशल को अदालत में पेश किया तो मनीष सभी को चकमा देकर अदालत के पिछले दरवाजे से पत्नी को लेकर भाग गया। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को दोनों को बुधवार को पेश करने का निर्देश दिया है।
मामला न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर व न्यायमूर्ति पीएस तेजी की खंडपीठ की अदालत का है। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने कौशल को पेश किया। युवती के साथ उसके परिवार के सदस्य भी अदालत पहुंच गए।
लड़की परिवार के साथ जाने को नहीं थी तैयार
उन्होंने आरोप लगाया कि विवाह नहीं हुआ व लड़की को वे अपने साथ रखना चाहते हैं। उधर, लड़की परिवार के साथ जाने को तैयार नहीं थी। खंडपीठ ने दोनों की काउंसलिंग के लिए उन्हें अपने चैंबर में बुलाकर उनका पक्ष सुना व समझाया।
आखिर खंडपीठ ने उन्हें चैंबर से वापस भेजते हुए इंतजार करने को कहा। दोनों जज के चैंबर से निकल कर अदालत के कमरे में आने की जगह पीछे के दरवाजे से गायब हो गए।
उधर, करोल बाग थाना पुलिस व लड़की के परिवार के सदस्य अदालत में उनका इंतजार करते रहे। आखिर जब मामले की सुनवाई का समय आया तो पता चला कि मनीष व उसकी पत्नी अदालत में पहुंचे ही नहीं।
इससे पहले सब्जी लेने गई थी और लापता हो गई
उनका पता लगाया गया तो पूरे घटनाक्रम सामने आया। खंडपीठ ने इस प्रकार बिना अदालत की इजाजत या आदेश के दोनों के गायब होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को दोनों को 26 अगस्त को पेश करने का निर्देश दिया।
पेश मामले में मनीष ने अदालत को बताया कि उसने कौशल से 14 मई 2015 को आर्य समाज मंदिर नबी करीम में प्रेम विवाह किया था। दोनों ने गाजियाबाद में विवाह का पंजीकरण करवाया। 15 मई को कौशल के परिवार के सदस्यों ने उसके अपहरण का मामला दर्ज करवा दिया था।
13 जुलाई को पत्नी बाजार सब्जी लेने गई थी और लापता हो गई। परिवार के सदस्य कौशल को जबरन वडोदरा ले गए और पुलिस उसे वहां से तो ले आई लेकिन उस पर पत्नी को भूलने का दबाव बना रही है। इसिलए उसे उसकी पत्नी वापस दिलवाई जाए।